दूध-पानी तो पुराना हुआ, अब पानी के 20 लीटर जार में कोरेक्स की तस्करी! रीवा में नया 'मास्टरमाइंड' अरेस्ट

 
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रीवा जिले में नशे के अवैध कारोबार, तस्करी और इसके सेवन को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले ड्रग माफियाओं और अवैध सिरप के सप्लायर्स को सलाखों के पीछे भेजना है। अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम लगातार संदिग्ध इलाकों और अपराधियों पर नजर रख रही है।

1 जुलाई को अमहिया पुलिस को इस अभियान के तहत उस समय एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी, जब उन्होंने लीक से हटकर की जा रही तस्करी के एक नए मॉडस ऑपेरंडी (तरीके) का भंडाफोड़ किया। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के कुछ वीरान और संकरी गलियों वाले इलाकों में युवाओं को आसानी से नशीली सिरप उपलब्ध हो रही है, जिसके बाद पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया था।

मुखबिर की सटीक सूचना: खमरिया हाउस पुलिया पर बिछा जाल
कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के हाथों से बच नहीं सकता। अमहिया थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से बेहद सटीक और पुख्ता जानकारी मिली। सूचना में बताया गया कि नरेंद्र नगर इलाके में स्थित खमरिया हाउस के पास बनी पुलिया पर एक संदिग्ध युवक काफी देर से बैठा हुआ है। मुखबिर ने पुलिस को हुलिए की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उक्त युवक ने नीले रंग की जींस और स्काई ब्लू (आसमानी) रंग की टी-शर्ट पहन रखी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात जो मुखबिर ने बताई, वो यह थी कि उस युवक के पास पानी सप्लाई करने वाला एक बड़ा २० लीटर का जार है। पहली नजर में देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि वह पानी की डिलीवरी करने आया है, लेकिन वास्तव में उस पानी के जार के भीतर पानी नहीं, बल्कि भारी मात्रा में अवैध और प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की बोतलें भरी हुई हैं। वह वहाँ किसी बड़े ग्राहक या स्थानीय एजेंट का इंतजार कर रहा था ताकि माल की डिलीवरी की जा सके।

गिरफ्तारी का लाइव ड्रामा: पुलिस को देख भागा तस्कर, घेराबंदी कर दबोचा
सटीक इनपुट मिलते ही अमहिया थाना प्रभारी ने बिना समय गंवाए एक त्वरित एक्शन टीम का गठन किया। पुलिस बल सादे कपड़ों में और पूरी सतर्कता के साथ मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान यानी नरेंद्र नगर के खमरिया हाउस पुलिया की तरफ रवाना हुआ। जैसे ही पुलिस की टीम पुलिया के नजदीक पहुंची, वहाँ मुखबिर के बताए हुलिए का युवक पानी के जार के साथ बैठा दिखाई दे गया।

पुलिस कर्मियों को अपनी तरफ आते देख तस्कर को तुरंत खतरे का अहसास हो गया। उसने मौके से भागने की कोशिश की और जार उठाकर तंग गलियों की तरफ दौड़ लगा दी। लेकिन पुलिस टीम पहले से ही मुस्तैद थी और उन्होंने चारों तरफ से घेराबंदी कर रखी थी। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही दूरी पर आरोपी को दौड़कर दबोच लिया। आरोपी की इस तरह सरेआम गिरफ्तारी को देखकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

आरोपी की कुंडली: कौन है मयंक मिश्रा उर्फ अमन गौतम?
पकड़े गए आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी की पहचान मयंक मिश्रा उर्फ अमन गौतम के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 24 वर्ष है। वह रीवा शहर के ही बोदाबाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुंदर नगर का निवासी है।

आरोपी का नाम    उम्र    निवासी    जब्त सामग्री    संबंधित थाना
मयंक मिश्रा उर्फ अमन गौतम  24 वर्ष  सुंदर नगर, बोदाबाग, रीवा अवैध नशीली कफ सिरप (कोरेक्स)  अमहिया थाना

तलाशी के दौरान जब पुलिस ने उस नीले पानी के जार को खोला, तो ऊपर से सामान्य दिखने वाले जार के अंदर विशेष रूप से बनाई गई जगह में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की दर्जनों बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने तस्कर के पास से बरामद सारा अवैध माल जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं (NDPS Act व अन्य) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवैध कफ सिरप का काला कारोबार और युवाओं पर मंडराता खतरा
रीवा और आसपास के क्षेत्रों में कोरेक्स या प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप का अवैध कारोबार एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है। तस्कर अब पुलिस से बचने के लिए नए-नए और अजीबोगरीब हथकंडे अपना रहे हैं। कभी स्कूल बैग में, कभी दूध के केन में, तो कभी इस तरह पानी के जार में छुपाकर मौत का यह सामान परोसा जा रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार, इस प्रकार की कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट जैसी नशीली सामग्री अत्यधिक मात्रा में होती है, जिसका बिना डॉक्टरी पर्ची के सेवन करना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। यह युवाओं के लिवर, किडनी और मस्तिष्क को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। तस्कर इन ₹150-₹200 की बोतलों को अवैध रूप से ₹500 से ₹800 तक की ऊंची कीमतों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।

रीवा पुलिस की चेतावनी: नशा माफियाओं के खिलाफ जारी रहेगा 'प्रहार'
इस सफल कार्रवाई के बाद अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए साफ संदेश दिया है कि रीवा जिले में नशा माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि "ऑपरेशन प्रहार 2.0" के तहत पुलिस की यह मुहिम थमेगी नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रूप अख्तियार करेगी।

"हम शहर के हर उस कोने पर नजर रख रहे हैं जहां इस तरह की अवैध गतिविधियां संचालित होने की आशंका है। जनता से भी हमारी अपील है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या ऐसी गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। हमारा लक्ष्य रीवा को पूरी तरह से नशामुक्त बनाना है।"
— शिवा अग्रवाल, थाना प्रभारी, अमहिया

पुलिस अब मयंक मिश्रा से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि वह यह माल कहां से लाता था और रीवा में उसके मुख्य खरीदार या बड़े डीलर कौन-कौन हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी के बाद शहर के कई अन्य बड़े नशा सौदागरों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

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