MP की बार एसोसिएशनों में बड़ा उलटफेर: अब महिलाएं संभालेंगी कमान, ट्रेजरर का पद हुआ फिक्स

 
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मध्य प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों में महिला वकीलों को मिलेगा 30% कोटा, ट्रेजरर पद हुआ आरक्षित।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में महिला अधिवक्ताओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court of India) के कड़े रुख के बाद अब मध्य प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 'दीक्षा एन. अमृतश बनाम कर्नाटक राज्य' मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले को अब मध्य प्रदेश में कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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MP High Court का सभी जिला न्यायालयों को सख्त निर्देश 
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दिनांक 25 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन (Memo No. A/985) जारी किया गया है। यह आदेश राज्य के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को संबोधित है। इस पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों की कार्यकारिणी समितियों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। न्यायालय ने इस संबंध में कल शाम 5:00 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) भी ईमेल के माध्यम से मांगी है।

किन पदों पर लागू होगा 30% कोटा? 
उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 24.03.2025 और 16.01.2026 के अनुसार, बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति (Executive Committee) में पदाधिकारी के रूप में महिला अधिवक्ताओं के लिए 30% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इसका अर्थ यह है कि अब चुनावों में और समितियों के गठन में महिला वकीलों की भागीदारी महज सांकेतिक नहीं रहेगी, बल्कि वे निर्णायक भूमिका में होंगी।

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ट्रेजरर (कोषाध्यक्ष) का पद अब सिर्फ महिलाओं के लिए
इस नए नियम का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु ट्रेजरर (Treasurer) यानी कोषाध्यक्ष का पद है। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष का पद विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए ही आरक्षित रखा जाएगा। यह निर्णय बार एसोसिएशनों के वित्तीय प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया पर क्या होगा असर?
वर्तमान में यह आदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन और सभी जिला बार एसोसिएशनों के लिए प्रभावी है। जहाँ तक स्टेट बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) का सवाल है, माननीय उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उन निकायों में आरक्षण के मुद्दे पर अलग से विचार किया जाएगा। फिलहाल, निचली अदालतों और जिला स्तर पर इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है, जिससे ज़मीनी स्तर पर महिला वकीलों को नेतृत्व के अवसर प्राप्त होंगे।

FAQ: बार एसोसिएशन महिला आरक्षण 2026 
प्रश्न 1: मध्य प्रदेश की बार एसोसिएशनों में महिलाओं को कितना आरक्षण मिलेगा?
उत्तर: कार्यकारिणी समिति के पदों पर महिला अधिवक्ताओं को 30% आरक्षण दिया गया है।

प्रश्न 2: क्या कोषाध्यक्ष का पद आरक्षित है?
उत्तर: हाँ, ट्रेजरर (कोषाध्यक्ष) का पद अब विशेष रूप से केवल महिला उम्मीदवारों के लिए ही आरक्षित रहेगा।

प्रश्न 3: यह आदेश किस न्यायालय द्वारा जारी किया गया है?
उत्तर: यह आदेश मूल रूप से सुप्रीम कोर्ट का है, जिसे मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने पूरे राज्य में लागू करने का निर्देश दिया है।

प्रश्न 4: क्या यह नियम मध्य प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगा?
उत्तर: जी हाँ, यह नियम मध्य प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों और तहसील स्तर की बार एसोसिएशनों पर समान रूप से लागू होगा।

प्रश्न 5: अनुपालन रिपोर्ट कब तक देनी है?
उत्तर: हाई कोर्ट ने सभी जिलों से कल शाम 5:00 बजे तक ईमेल के माध्यम से अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा है।

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