MP बोर्ड रिजल्ट: रीवा में लड़कों को पछाड़ बेटियां निकलीं आगे! सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट को धोया, मेरिट लिस्ट में भारी कब्जा

 
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रीवा कमिश्नर बी.एस. जामोद के मार्गदर्शन में संभाग ने रचा इतिहास। सानिया गुप्ता ने प्रदेश में पाया तीसरा स्थान। जानें रीवा विकासखंड की बड़ी उपलब्धि।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने आज 15 अप्रैल 2026 को हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। विंध्य क्षेत्र के केंद्र रीवा ने इस बार अपनी मेधा का लोहा पूरे प्रदेश में मनवाया है। कमिश्नर रीवा संभाग बी.एस. जामोद के कुशल मार्गदर्शन में संचालित 'आपरेशन निखार' का जबरदस्त असर देखने को मिला है।

आपरेशन निखार' का जादू: मेरिट में 66 से बढ़कर हुए 108 छात्र
संभाग के शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए चलाए गए 'आपरेशन निखार' के सफल क्रियान्वयन से इस वर्ष प्रदेश की मेरिट सूची में संभाग के 108 छात्र-छात्राओं ने स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष यह संख्या केवल 66 थी। कमिश्नर बी.एस. जामोद ने इस उपलब्धि पर सभी छात्रों, पालकों और शैक्षणिक स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

रीवा विकासखंड की बड़ी जीत: बीईओ और उनकी टीम का श्रेय
जिले में सर्वाधिक छात्र रीवा विकासखंड से मेरिट सूची में शामिल हुए हैं। इस सफलता का मुख्य श्रेय रीवा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) राम लल्लू दीपांकर एवं उनके निरीक्षण दल को जाता है। इस टीम में संजय द्विवेदी, राम यशपाल और मधु सिंह जैसे समर्पित अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर स्कूलों का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की।

टॉपर सानिया गुप्ता और किसान की बेटी साक्षी ने बढ़ाया मान
प्रदेश में तीसरा स्थान: रीवा के प्रतिष्ठित मार्तण्ड स्कूल की सानिया गुप्ता ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। सानिया भविष्य में CA बनना चाहती हैं। मार्तण्ड स्कूल की ही महक और अनुष्का ने भी टॉप-10 में जगह बनाई है।
साक्षी की मिसाल: एक किसान की बेटी साक्षी ने अभावों के बीच कड़ी मेहनत कर जिले की टॉपर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया है। साक्षी की सफलता "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" के संकल्प का जीवंत उदाहरण है।

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के आंकड़े: 12वीं में सुधार
DEO रामराज मिश्रा ने बताया कि हायर सेकेंडरी (12वीं) का परिणाम इस वर्ष 66.29% रहा, जो पिछले वर्ष के 64.28% से अधिक है। वहीं, हाई स्कूल (10वीं) का परिणाम 66.10% रहा। 12वीं में कॉमर्स, बायो, आर्ट्स और गणित, सभी संकायों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

मेरिट का गणित: छात्र बनाम छात्राएं
इस बार की प्रतिस्पर्धा काफी रोमांचक रही। लड़कों ने भी अपनी ताकत दिखाते हुए मेरिट सूची में बड़ी संख्या में जगह बनाई:

10वीं कक्षा: कुल 41 लड़कों ने मेरिट लिस्ट में अपनी जगह पक्की की।
12वीं कक्षा: कुल 24 लड़कों ने टॉप किया।
बराबरी का मुकाबला: चौथी से लेकर दसवीं रैंक तक छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, जहाँ एक-एक रैंक पर 10 से 14 छात्र शामिल रहे।

सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट स्कूल: कड़ा मुकाबला
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी स्कूल अब निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं:

10वीं टॉप-10: 37 छात्रों में से 15 सरकारी और 22 प्राइवेट स्कूल के।
12वीं टॉप-10: 23 छात्रों में से 12 सरकारी स्कूल के और 11 प्राइवेट के (सरकारी स्कूल यहाँ आगे रहे)।

भविष्य की रणनीति: हाई स्कूल पर विशेष फोकस
परिणामों के बाद विभाग ने 10वीं के रिजल्ट में आई मामूली गिरावट को गंभीरता से लिया है। DEO ने कहा कि आगामी सत्र में कम परिणाम वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष रेमेडियल क्लास और सघन मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि रीवा प्रदेश में फिर से नंबर-1 बन सके।

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