MP Weather Update : अगले 48 घंटे बेहद भारी! रीवा में सूरज के तेवर हुए तल्ख, मौसम विभाग ने दी 'हीट वेव' की चेतावनी; भूलकर भी न करें ये गलती
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल अप्रैल के महीने ने ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। पूरा प्रदेश वर्तमान में भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात यह हैं कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बीते 24 घंटों में विदिशा प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहाँ पारा 44.9 डिग्री तक जा पहुँचा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले दो दिन प्रदेशवासियों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। सूरज की तपिश के साथ गर्म हवाएं (लू) सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करेंगी।
इन 29 जिलों के लिए 'हीट वेव' का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रीवा संभाग सहित प्रदेश के 29 जिलों में तीव्र लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में शामिल हैं:
विंध्य क्षेत्र: रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना।
बुंदेलखंड: पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी।
अन्य जिले: विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, छिंदवाड़ा, और बालाघाट सहित कई अन्य क्षेत्र।
मौसम विभाग का कहना है कि न केवल दिन का तापमान बढ़ेगा, बल्कि रातें भी अब गर्म और बेचैन करने वाली होंगी।
लू से बचने के लिए 'सुरक्षा कवच': मौसम विभाग की गाइडलाइन
भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है:
- पानी का साथ न छोड़ें: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), या घर के बने पेय (लस्सी, छाछ, आम पना) पिएं।
- समय का ध्यान: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तीखी होती है, तब बाहर निकलने से बचें।
- पहनावा: हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से जरूर ढकें।
- विश्राम: यदि धूप में निकलना अनिवार्य हो, तो थोड़ी-थोड़ी देर में ठंडी या छायादार जगहों पर रुकें।
स्कूली बच्चों पर गर्मी की मार: कलेक्टर ने लिया बड़ा फैसला
बढ़ते तापमान का सबसे बुरा असर छोटे बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। स्कूलों से आते-जाते समय बच्चे लू की चपेट में आ रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए रीवा सहित कई जिलों के कलेक्टरों ने कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए छुट्टी घोषित कर दी है। हालांकि, कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं अभी भी संचालित हो रही हैं, जिसे लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है। मांग की जा रही है कि स्कूल के समय में बदलाव किया जाए या बड़ी कक्षाओं को भी ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट किया जाए।
अगले 48 घंटे रहें सावधान
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में यह उछाल आया है। अगले दो दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। प्रशासन ने अपील की है कि बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें और किसी भी तरह की बेचैनी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।