रीवा के टीआरएस कॉलेज में 'मुन्नाभाई' स्टाइल में फर्जीवाड़ा: जीजा और चचेरे भाई की जगह परीक्षा दे रहे दो सॉल्वर गिरफ्तार, सिविल लाइन थाने में FIR

 
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रीवा के सुप्रसिद्ध ठाकुर रणमत्त सिंह (TRS) स्वाशासी महाविद्यालय से परीक्षा के दौरान जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। परीक्षा कक्ष में कड़े पहरे और उड़नदस्ते की सक्रियता के बीच दो ऐसे 'मुन्नाभाई' दबोचे गए हैं, जो असली परीक्षार्थियों का मुखौटा पहनकर परीक्षा देने पहुंचे थे। कॉलेज प्रबंधन की मुस्तैदी के कारण इन दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़कर तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। शनिवार की शाम पुलिस ने दोनों शातिर आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धारा 420 सहित अन्य गंभीर विधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

एमपी भोज मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षा: सुबह की पाली में चल रहा था पूरा खेल

मिली जानकारी के अनुसार, इन दिनों मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। रीवा संभाग के लिए विश्वविद्यालय द्वारा टीआरएस कॉलेज को एक प्रमुख अध्ययन केंद्र (Study Center) बनाया गया है। यहाँ सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक की प्रथम पाली में विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं संचालित हो रही थीं। बहुमंजिला परीक्षा हॉलों में छात्र अपना-अपना पर्चा लिख रहे थे, लेकिन इसी भीड़ के बीच दो युवक दूसरों के भविष्य और कानून से खिलवाड़ करने की साजिश रच रहे थे।

कमर्जी सीधी का पुष्पराज बना चचेरा भाई: एमसीए की परीक्षा में ऐसे खुली पोल
स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर की इस परीक्षा के दौरान तैनात वीक्षकों (इन्विजीलेटर) द्वारा हर छात्र के प्रवेश पत्र और चेहरे का बारीकी से मिलान किया जा रहा था। इसी सघन चेकिंग के दौरान कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) की परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर वीक्षक को गहरा संदेह हुआ। जब कड़ाई से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की जांच हुई, तो सारा सच शीशे की तरह साफ हो गया।

पकड़ा गया युवक असल में पुष्पराज सिंह चौहान था, जो सीधी जिले के कमर्जी का रहने वाला है। वह परीक्षा हॉल में अपनी जगह नहीं, बल्कि अपने चचेरे भाई सज्जन सिंह के नाम का फर्जी प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा दे रहा था। भाई को पास कराने के चक्कर में उसने खुद के लिए जेल का रास्ता चुन लिया।

हनुमना का सुखेंद्र बना साला: जीजा की जगह बीए की परीक्षा देने पहुंचा केंद्र
एमसीए परीक्षा में पहला फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने के बाद टीआरएस कॉलेज प्रबंधन के कान खड़े हो गए। प्राचार्य के निर्देश पर पूरे कॉलेज परिसर और अन्य परीक्षा कक्षों में सघन जांच अभियान (ड्राइव) छेड़ दिया गया। इसी कड़ी में जब कला स्नातक (BA) प्रथम वर्ष के परीक्षा कक्ष की चेकिंग की गई, तो वहाँ भी एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।

यहाँ सुखेंद्र पटेल नाम का एक युवक पकड़ा गया, जो रीवा जिले के हनुमना का निवासी है। जब इसके दस्तावेजों को खंगाला गया, तो पता चला कि यह अपने जीजा रंजीत पटेल को डिग्री दिलवाने के लिए खुद सॉल्वर बनकर परीक्षा हॉल में बैठा हुआ था। रिश्तों की आड़ में किए जा रहे इस सरकारी फर्जीवाड़े को कॉलेज के स्टाफ ने समय रहते नाकाम कर दिया।

सिविल लाइन पुलिस की कस्टडी में आरोपी: मूल परीक्षार्थियों पर भी गिरेगी गाज
कॉलेज प्रशासन ने दोनों आरोपियों (पुष्पराज सिंह चौहान और सुखेंद्र पटेल) को दबोचकर तुरंत सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में ले लिया। महाविद्यालय के प्राचार्य ने आधिकारिक तौर पर बताया कि आंतरिक जांच और शिनाख्त की पुष्टि के बाद ही पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई थी।

शनिवार शाम को सिविल लाइन थाने में दोनों फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि न सिर्फ परीक्षा देने पहुंचे इन दोनों 'मुन्नाभाइयों' पर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है, बल्कि वे मूल परीक्षार्थी (जीजा रंजीत पटेल और चचेरा भाई सज्जन सिंह) जिन्होंने इन फर्जी लोगों को अपनी जगह परीक्षा में बैठाया था, उन्हें भी सह-आरोपी बनाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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