रीवा में हड़कंप: 'दोपहर 2:35 बजे उड़ा देंगे कोर्ट', RDX की धमकी भरे ई-मेल से कांप उठा पूरा शहर : मची अफरा-तफरी का पूरा सच
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) गुरुवार की सुबह रीवा शहर के लिए किसी सामान्य दिन की तरह शुरू हुई थी, लेकिन देखते ही देखते जिला न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन को एक आधिकारिक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें रीवा जिला न्यायालय को RDX (Research Department Explosive) के जरिए उड़ाने की सीधी धमकी दी गई थी। जैसे ही यह खबर फैली, न्यायाधीशों, वकीलों और वहां मौजूद सैकड़ों फरियादियों के बीच भगदड़ और तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

ई-मेल की गंभीर भाषा और 2:35 बजे का डेडलाइन
धमकी भरा ई-मेल हिंदी भाषा में लिखा गया था, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ गई। ई-मेल में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि दोपहर 2:35 बजे से पहले कोर्ट परिसर को खाली करा लिया जाए, वरना भयानक विस्फोट किया जाएगा।
ई-मेल के मुख्य बिंदु:
- कानूनी संदर्भ: मेल में तमिलनाडु के 1979 के एक पुराने नेशनल डिफेंस या आतंक से जुड़े कानून का जिक्र किया गया है।
- मकसद: भेजने वाले ने विस्फोट के पीछे एक कथित मकसद भी लिखा है, जिसकी पुलिस अभी गहनता से जांच कर रही है।
- समय सीमा: 2:35 PM का समय विस्फोटक सक्रिय होने के लिए दिया गया था।
कोर्ट परिसर खाली कराया गया: सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन
धमकी मिलते ही रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए:
- इवेक्यूएशन (Evacuation): पूरे कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया। जजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- घेराबंदी: कोर्ट के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को सील कर दिया गया।
- बम निरोधक दस्ता (BDS): बम डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया, जिन्होंने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।
साइबर सेल और तकनीकी जांच: IP एड्रेस की तलाश
यह केवल जमीन पर होने वाली जांच नहीं है, बल्कि साइबर एक्सपर्ट्स भी इस मामले में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
IP Tracking: साइबर सेल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि ई-मेल किस सर्वर और किस लोकेशन से भेजा गया है।
VPN का संदेह: प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या मेल भेजने के लिए किसी VPN (Virtual Private Network) का उपयोग किया गया है ताकि पहचान छिपाई जा सके।
पुराना रिकॉर्ड: पुलिस यह भी देख रही है कि क्या हाल के दिनों में किसी आपराधिक मामले के फैसले से असंतुष्ट होकर किसी ने यह हरकत की है।
वकीलों और कर्मचारियों में चिंता
रीवा बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। वकीलों का कहना है कि कोर्ट परिसर में रोजाना हजारों लोग आते हैं, ऐसे में सुरक्षा के स्थायी पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। घटना के बाद कुछ समय के लिए अदालती कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया, जिससे न्यायिक कार्यों में बाधा आई।
मध्य प्रदेश में सुरक्षा अलर्ट
यह घटना केवल रीवा तक सीमित नहीं है। ठंड के इस मौसम में जब तापमान तेजी से गिर रहा है (शहडोल जैसे जिलों में 2.7°C तक), पुलिस बल के लिए खुले में लंबी ड्यूटी करना चुनौतीपूर्ण है, फिर भी रीवा पुलिस हाई अलर्ट पर है। अन्य जिलों के न्यायालयों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष: अफवाह या असली खतरा?
फिलहाल, गहन तलाशी के बाद अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का मानना है कि यह किसी की शरारत या सनसनी फैलाने की कोशिश हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा है। जांच एजेंसियां ई-मेल भेजने वाले के करीब पहुंचने का दावा कर रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. रीवा कोर्ट को धमकी किस माध्यम से मिली? रीवा जिला न्यायालय को धमकी एक आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी।
2. ई-मेल में किस विस्फोटक का नाम लिया गया है? ई-मेल में 'RDX' का उपयोग कर कोर्ट को उड़ाने की बात कही गई है।
3. क्या कोर्ट परिसर में कोई बम मिला? अब तक की तलाशी में बम निरोधक दस्ते को कोई भी संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला है।
4. पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है? पुलिस ने कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी है और साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले के IP एड्रेस की जांच कर रही है।
5. क्या अदालती कामकाज प्रभावित हुआ है? हां, सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए परिसर को खाली कराया गया और कार्यवाही रोक दी गई थी।