रीवा में 'प्रहार-2' अभियान: बिछिया पुलिस का गांजा तस्करों पर बड़ा शिकंजा, 75 हजार का गांजा जब्त

 
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 बिछिया थाना पुलिस ने लक्ष्मणबाग रोड पर की कार्रवाई, मुख्य आरोपी पर पहले से 10 मामले दर्ज।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के विंध्य अंचल के प्रमुख केंद्र रीवा जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों के काले कारोबार को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार आक्रामक और निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। जिला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे बहुचर्चित 'प्रहार-2' अभियान के तहत रीवा पुलिस ने आपराधिक तत्वों और नशा तस्करों की नींद उड़ा रखी है। इसी क्रम में रीवा शहर के बिछिया थाना अंतर्गत पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से गांजा बेच रहे दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की इस मुस्तैदी से शहर में सक्रिय अन्य अवैध कारोबारियों में भी भारी खलबली मच गई है।

पुलिस महकमे को लगातार यह इनपुट मिल रहे थे कि शहर के कुछ हिस्सों में बाहरी और स्थानीय तस्कर मिलकर युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने का षड्यंत्र रच रहे हैं। विशेषकर नदी किनारे और सुनसान इलाकों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा है। इन तमाम गुप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय कर दिया। बिछिया थाना पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और सटीक वक्त पर कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की इस बड़ी खेप को बाजार में खपने से पहले ही जब्त कर लिया।

लक्ष्मणबाग रोड पर घेराबंदी: कैसे हत्थे चढ़े दोनों आरोपी?
बिछिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील और आवागमन वाले मार्गों पर पुलिस की पैनी नजर हमेशा बनी रहती है। घटना की रात पुलिस को मुखबिर के माध्यम से बेहद सटीक और गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि प्रसिद्ध लक्ष्मणबाग रोड के पास बिछिया नदी के किनारे दो संदिग्ध युवक एक सफेद रंग की प्लास्टिक की बोरी में भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर खड़े हैं और वे किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और तत्काल एक विशेष दबिश टीम का गठन किया गया।

बिछिया थाने के उप निरीक्षक आरएन बागरी अपनी पुलिस टीम के साथ उस दौरान क्षेत्र में नियमित गश्त और भ्रमण पर मौजूद थे। जैसे ही उन्हें मुखबिर की इस पुख्ता सूचना की जानकारी मिली, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपनी टीम को मौके की ओर कूच करने का निर्देश दिया। पुलिस बल ने अत्यंत सावधानी और पेशेवर अंदाज में लक्ष्मणबाग रोड और नदी किनारे के रास्तों की चप्पे-चप्पे पर घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को अचानक अपने आसपास देखकर दोनों संदिग्ध युवक हड़बड़ा गए और वहां से भाग निकलने का प्रयास करने लगे, लेकिन सतर्क और मुस्तैद पुलिस जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही धर दबोचा।

4 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
घेराबंदी के दौरान पकड़े गए दोनों संदिग्धों के पास मौजूद सफेद रंग की प्लास्टिक की बोरी की जब मौके पर तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम भी हैरान रह गई। उस बोरी के अंदर खासी मात्रा में अवैध रूप से भरकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। वजन कराए जाने पर इस कुल जप्तशुदा अवैध गांजे की मात्रा 4 किलो 700 ग्राम पाई गई। पुलिस बाजार के मौजूदा आकलनों के अनुसार इस जप्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए आंकी गई है।

मौके पर मादक पदार्थ की जब्ती की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को थाने ले आई। बिछिया थाना पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। थाना प्रभारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(ख) के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। कागजी कार्रवाई और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।

कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण 

  • घटना का स्थान: लक्ष्मणबाग रोड, बिछिया नदी के पास, रीवा
  • जप्त गांजे की मात्रा: 4 किलोग्राम 700 ग्राम
  • अनुमानित बाजार मूल्य: लगभग ₹75,000 (पचहत्तर हजार रुपए)
  • गिरफ्तार आरोपीगण: जावेद अहमद (39 वर्ष) एवं मोहम्मद अहमद (21 वर्ष)
  • पंजीबद्ध मामला: एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(ख)
  • संचालित अभियान: 'प्रहार-2' नशा विरोधी अभियान

शातिर आरोपी जावेद अहमद का लंबा और पुराना आपराधिक इतिहास
इस मामले में पुलिस द्वारा की गई गहन छानबीन और रिकॉर्ड खंगालने पर एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से मुख्य आरोपी जावेद अहमद (आयु 39 वर्ष, निवासी बिछिया) का पुराना आपराधिक और कुख्यात इतिहास रहा है। पुलिस दस्तावेजों और थाना रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी जावेद अहमद कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ वर्ष 2008 से लेकर वर्ष 2026 तक विभिन्न थानों में कुल 10 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं।

उसके आपराधिक रिकॉर्ड की फेहरिस्त काफी लंबी है, जिसमें समाज में शांति व्यवस्था भंग करने वाले संगीन अपराध शामिल हैं:

गंभीर अपराध: आरोपी के खिलाफ पूर्व में लूटपाट करने, लोगों के साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसी धाराओं में कई मामले दर्ज हैं।
आबकारी अधिनियम के मामले: अवैध शराब और प्रतिबंधित सामग्रियों के परिवहन व बिक्री से जुड़े आबकारी मामलों में भी वह संलिप्त रहा है।
पूर्व का एनडीपीएस रिकॉर्ड: यह पहली बार नहीं है जब जावेद एनडीपीएस एक्ट में फंसा हो; इससे पहले वर्ष 2020 में भी बिछिया थाने में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और ड्रग कंट्रोल से संबंधित सख्त धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है।

पुलिस अब इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि आदतन अपराधी होने के बावजूद जावेद जमानत पर बाहर आकर किस प्रकार दोबारा इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहा था और इस बार यह गांजा वह कहाँ से लेकर आया था।

थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का बयान और नशामुक्ति की दिशा में पुलिस कदम
इस संपूर्ण सनसनीखेज कार्रवाई के संबंध में बिछिया थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि रीवा शहर को अपराध मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का कहना है:
"मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर बिछिया थाना पुलिस टीम ने लक्ष्मणबाग रोड के पास त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों— जावेद अहमद और मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 4 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 75 हजार रुपए है। दोनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(ख) के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया जा रहा है। मुख्य आरोपी जावेद अहमद का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही कई थानों में 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। 'प्रहार-2' अभियान के तहत हमारी यह कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी।"

पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इस अवैध नेटवर्क में रीवा या आसपास के अन्य जिलों के कौन-कौन से बड़े सप्लायर जुड़े हुए हैं। पुलिस का मानना है कि इस चेन के अन्य मोहरों को भी जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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