Reel vs Real: रीवा के कारोबारी की मौत के 5 मिनट बाद पत्नी ने भी तोड़ा दम, अधूरी रह गई 5 साल की प्रेम कहानी
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। रीवा के एक युवा और प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की उनके घर में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआती जांच में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) मानी जा रही है।
लेकिन इस घटना का सबसे दुखद पहलू इसके बाद शुरू हुआ। जैसे ही इस असमय मौत की खबर उत्तराखंड में रह रही उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत तक पहुंची, वह इस गहरे सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाईं। पति की मौत की खबर सुनने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर वैशाली ने भी मौत को गले लगा लिया। एक ही दिन में परिवार के दो चिरागों के बुझ जाने से रीवा के सराफा जगत और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रदीप और वैशाली की अधूरी प्रेम कहानी (2021 से 2026)
कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, लेकिन प्रदीप और वैशाली की प्रेम कहानी का अंत इतना दर्दनाक होगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। प्रदीप सोनी रीवा शहर के जाने-माने सराफा व्यापारी परमानंद सोनी के बेटे थे। साल 2021 में प्रदीप और वैशाली ने प्रेम विवाह किया था। दोनों अलग-अलग राज्यों से थे, लेकिन उनके बीच का गहरा भावनात्मक जुड़ाव किसी मिसाल से कम नहीं था।
शादी के इन 5 सालों में दोनों ने हर सुख-दुख साथ देखा। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों एक-दूसरे के प्रति बेहद समर्पित थे। प्रदीप रीवा में अपना कारोबार संभालते थे और वैशाली उनके घर को संवारती थीं। इस प्रेम कहानी में दोनों ने एक-दूसरे के बिना जीने की कल्पना तक नहीं की थी, और यही बात आखिरकार इस त्रासदी की सबसे बड़ी वजह बन गई।
वह खौफनाक रविवार: कैसे सामने आई प्रदीप की मौत की खबर?
घटना वाले दिन प्रदीप सोनी रीवा के अनंतपुर स्थित अपने आवास पर अकेले थे। उनकी पत्नी वैशाली कुछ दिनों पहले ही उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के कुमौड़ गांव स्थित अपने मायके गई हुई थीं। रविवार सुबह से ही जब परिजनों ने प्रदीप के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन लगातार बंद आ रहा था। दोपहर तक कोई संपर्क न होने पर परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। जब परिजन और घर में काम करने वाली महिला अनंतपुर स्थित घर पहुंचे, तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का नजारा बेहद खौफनाक था; प्रदीप बाथरूम में अचेत अवस्था में मृत पड़े थे।

रीवा के युवा कारोबारी प्रदीप सोनी की मौत की खबर मिलने के कुछ मिनट बाद उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत ने भी उत्तराखंड में सुसाइड कर लिया।
पांच साल पहले शुरू हुई थी प्रेम कहानी
- परिवार के अनुसार, एक बार बातचीत के दौरान प्रदीप ने वैशाली से कहा था कि वह उसके बिना एक पल भी नहीं जी सकता। इस पर दोनों के बीच नोक-झोंक भी हुई थी।
- प्रदीप सोनी और वैशाली खड़ायत ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। परिवार के अनुसार, दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव था।
- उसी दौरान वैशाली ने कहा था कि जब तक जिएंगे, साथ जिएंगे और साथ मरेंगे, क्योंकि वह पति के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकती।
- उस समय यह एक सामान्य वैवाहिक बातचीत थी, लेकिन आज परिवार के लोग उसी बातचीत को याद कर भावुक हो रहे हैं।

रीवा के एडिशनल एएसपी संदीप मिश्रा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश या संदेहास्पद तथ्य सामने नहीं आए हैं। यह पूरी तरह से अत्यधिक मानसिक आघात के कारण उठाया गया आत्मघाती कदम प्रतीत होता है।
युवाओं में बढ़ता कार्डियक अरेस्ट: क्या कहते हैं हृदय रोग विशेषज्ञ?
प्रदीप सोनी की उम्र बहुत ज्यादा नहीं थी और उन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी भी नहीं थी। ऐसे में उनकी अचानक मौत ने युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के खतरे पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीडी त्रिपाठी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में 30 से 45 वर्ष के युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके मुख्य कारणों को निम्नलिखित तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:

मानसिक आघात और अवसाद से कैसे निपटें?
वैशाली के इस कदम ने यह साबित कर दिया कि अचानक लगने वाला मानसिक आघात (Emotional Trauma) इंसान के सोचने-समझने की क्षमता को पूरी तरह खत्म कर देता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपने किसी बेहद करीबी को अचानक खो देता है, तो उसका दिमाग 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम' (Broken Heart Syndrome) या तीव्र अवसाद का शिकार हो सकता है।
ऐसे समय में परिवार और दोस्तों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है:
- बुरे वक्त में किसी भी व्यक्ति को अकेला न छोड़ें।
- यदि कोई अचानक शांत या सदमे में चला जाए, तो उससे लगातार बात करते रहें।
- अत्यधिक घबराहट या अवसाद की स्थिति में तुरंत मनोचिकित्सक की सलाह लें।

एक अपूरणीय क्षति
रीवा के सोनी परिवार पर टूटा यह दुखों का पहाड़ कभी न भूलने वाला जख्म दे गया है। जहाँ एक तरफ एक हंसते-खेलते युवा कारोबारी को दुनिया से समय से पहले जाना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ प्रेम की पराकाष्ठा में एक पत्नी ने भी अपनी जान दे दी। हालांकि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इसकी सराहना नहीं की जा सकती, लेकिन इस घटना ने रिश्तों की गहराई और अचानक आने वाली आपदाओं के प्रति समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
पुलिस फिलहाल दोनों राज्यों (मध्य प्रदेश और उत्तराखंड) में मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही प्रदीप की मौत के सही कारणों का अंतिम खुलासा हो सकेगा।
