अतिवृष्टि से राहत और क्षेत्र में खुशहाली की कामना: रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर उज्जैन पहुंचे मनगवां के जनसेवक
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले की विधानसभा सीट मनगवां-73 में बीते दिनों हुई भीषण अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित आमजनों के कल्याण एवं भविष्य में क्षेत्र को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने की मंगलकामना को लेकर एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा का शुभारंभ हुआ है।
मनगवां के क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति तथा गंगेव जनपद पंचायत अध्यक्ष विकास तिवारी के संयुक्त नेतृत्व में क्षेत्र के लगभग 35 वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, जनपद सदस्यों, सरपंचों और भाजपा कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बाबा महाकाल (उज्जैन) तथा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में विशेष पूजन-अर्चन और दर्शन के लिए रवाना हुआ। यह धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री के प्रयासों से सुगम हुई रीवा की राह: भोपाल-दिल्ली की दूरी अब चंद घंटों की
प्रतिनिधिमंडल रीवा स्थित चोरहटा हवाई अड्डे से भोपाल के लिए विमान द्वारा रवाना हुआ। यात्रा पर रवाना होने से पूर्व मनगवां विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने रीवा के बुनियादी ढांचे में आए क्रांतिकारी बदलावों का उल्लेख किया।
विधायक का वक्तव्य: "उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के दूरदर्शी विजन और भागीरथ प्रयासों का ही नतीजा है कि रीवा अब सीधे देश-प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक व प्रशासनिक केंद्रों से जुड़ चुका है। भोपाल, दिल्ली, कोलकाता और रायपुर जैसे बड़े महानगरों तक पहुंचने में जहां पहले पूरा दिन लगता था, वहीं अब यह दूरी महज कुछ घंटों में तय हो रही है।"
विंध्य की प्रगति का प्रतीक बना रीवा एयरपोर्ट: हवाई कनेक्टिविटी से मिले विकास को नए आयाम
क्षेत्रीय विधायक ने जोर देकर कहा कि रीवा एयरपोर्ट अब मध्य प्रदेश के सर्वाधिक सक्रिय और व्यस्ततम प्रादेशिक हवाई अड्डों में अपनी जगह बना रहा है, जहां से नियमित रूप से विभिन्न उड़ानों का सुगम संचालन जारी है।
इसी आधुनिक हवाई सेवा का लाभ उठाते हुए मनगवां क्षेत्र के जनसेवक और पार्टी कार्यकर्ता एक साथ पवित्र ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य महाकाल बाबा और भगवान ओंकारेश्वर से मनगवां विधानसभा के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा क्षेत्र को भावी अतिवृष्टि के प्रकोप से मुक्त रखने का आशीर्वाद प्राप्त करना है।