रीवा: शासकीय स्कूल बना पशुओं का 'टार्चर चैंबर', धवैया हाईस्कूल में ताले के अंदर कैद मिले 20 गोवंश

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन जहां एक ओर गोवंश संरक्षण के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। गंगेव ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल धवैया में शिक्षा के मंदिर को 'गोवंश की जेल' में तब्दील कर दिया गया। यहां लगभग 20 गोवंशों को कई दिनों से कमरों में ताले के अंदर बंधक बनाकर रखा गया था, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

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खिड़कियों से खिलाया गया चारा, ग्रामीणों ने किया हंगामा
घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने स्कूल परिसर से पशुओं की आवाजें सुनीं। ताला बंद होने के कारण बेजुबान जानवर अंदर भूख और प्यास से तड़प रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति ऐसी थी कि लोगों को खिड़कियों के माध्यम से अंदर चारा और भूसा डालना पड़ा ताकि जानवरों की जान बचाई जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पशु क्रूरता की पराकाष्ठा है।

राजनीतिक गरमाहट: कांग्रेस ने घेरा प्रशासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मनगवां विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश तिवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा:

"जिले में गोशालाएं केवल कागजों पर सफेद हाथी साबित हो रही हैं। जब सरकार करोड़ों रुपये गोवंश संरक्षण के नाम पर खर्च कर रही है, तो आखिर इन बेजुबान जानवरों को स्कूल के कमरों में क्यों कैद किया गया? यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि गोवंश के साथ अमानवीय व्यवहार है।"

  • कांग्रेस ने मांग की है कि इस घटना के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब किया जाए और कागजी गोशालाओं के भ्रष्टाचार की जांच हो।

प्रशासनिक रुख: एसडीएम ने बैठाई जांच
इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम संजय जैन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए टीम रवाना कर दी है। एसडीएम के मुताबिक:

स्कूल के प्राचार्य से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किसके आदेश पर पशुओं को स्कूल में बंद किया गया।
लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गंभीर सवाल: कौन है जिम्मेदार?
यह घटना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गई है:

  • क्या स्कूल परिसर का उपयोग अवैध रूप से पशुओं को छिपाने के लिए किया जा रहा था?
  • स्थानीय सरपंच, सचिव और स्कूल प्रबंधन की इस मामले में क्या भूमिका है?
  • क्या गोशालाओं का बजट डकारा जा रहा है, जिसके कारण पशुओं को इधर-उधर कैद करना पड़ रहा है?
  • विंध्य की जनता अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रही है। रीवा न्यूज़ मीडिया इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

प्रस्तुति: ग्राउंड रिपोर्ट — रीवा न्यूज़ मीडिया

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