रीवा महा-चौड़ीकरण : सिरमौर से अस्पताल चौराहे तक हटेगा 'अवैध' कब्जा; राजस्व की नाप में 6 मीटर तक सड़क दबाए बैठे हैं रसूखदार : मुआवजे की जंग पहुंची नगर निगम
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, अमहिया मार्ग, अब अपनी पुरानी तंग गलियों के स्वरूप को छोड़कर एक आधुनिक और चौड़ी सड़क बनने की ओर अग्रसर है। शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। सिरमौर चौराहे से लेकर अस्पताल चौराहे तक फैली इस सड़क पर सालों से काबिज अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब कानूनी डंडा चलने वाला है।
अमहिया रोड चौड़ीकरण: 165 अतिक्रमणकारियों को मिला अल्टीमेटम
प्रशासनिक अमले ने इस मार्ग का सघन सर्वे करने के बाद कुल 165 ऐसे स्थलों को चिन्हित किया है, जिन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर रखा है। इन सभी को औपचारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद पूरे अमहिया क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है। व्यापारियों और भवन स्वामियों के बीच इस बात को लेकर खलबली है कि प्रशासन कभी भी बुलडोजर के साथ धमक सकता है।
राजस्व नक्शा और नापजोख: कहाँ कितनी दबी है जमीन?
सड़क चौड़ीकरण की इस कवायद से पहले राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने डिजिटल मैपिंग और भौतिक नापजोख की थी। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार इस मार्ग की चौड़ाई अलग-अलग हिस्सों में निर्धारित है:
- सिरमौर चौराहा से अमहिया नाला: यहाँ सड़क की चौड़ाई 18 मीटर होनी चाहिए।
- गोस्वामी एक्सरे से गुरुद्वारा: यह हिस्सा सबसे चौड़ा है, जिसकी रिकॉर्ड में चौड़ाई 22 से 28 मीटर तक है।
- गुरुद्वारा से अस्पताल चौराहा: यहाँ फिर से सड़क 18 मीटर चौड़ी दर्ज है।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कई रसूखदारों और दुकानदारों ने अपनी दुकानों को मुख्य सड़क की तरफ 5 से 6 मीटर तक बढ़ा लिया है, जिससे व्यस्ततम समय में यहाँ पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
हॉटस्पॉट: सुपर स्पेशियलिटी और दरगाह क्षेत्र में बढ़ा कब्जा
प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा अतिक्रमण अमहिया मोड़ के पास तिराहे पर पाया गया है। इसके अलावा, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सामने की अधिकांश दुकानें भी सड़क की सीमा के भीतर पाई गई हैं। धार्मिक स्थलों के पास भी अतिक्रमण की स्थिति चिंताजनक है; छोटी दरगाह परिसर के पास बनी दुकानों को भी लगभग 5 फीट आगे बढ़ाकर बनाया गया है। इन सभी निर्माणों को हटाने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है।
सूची पर विवाद: पुराने मालिकों के नाम और मुआवजे की चिंता
अतिक्रमणकारियों की जो सूची सार्वजनिक हुई है, उसने एक नया कानूनी विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के कई जागरूक नागरिकों, जैसे फोर्ट रोड निवासी राजेन्द्र गुप्ता, ने आपत्ति दर्ज कराई है। मामला यह है कि कई संपत्तियों की रजिस्ट्री सालों पहले बदल चुकी है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिकों के नाम बोल रहे हैं।
मुआवजे का पेंच: लोग डरे हुए हैं कि यदि भविष्य में सड़क चौड़ीकरण के दौरान किसी प्रकार का मुआवजा मिलता है, तो सूची में नाम न होने के कारण वे इससे वंचित रह सकते हैं। इसके चलते तहसील और नगर निगम कार्यालयों में नाम संशोधित करवाने के लिए आवेदनों की बाढ़ आ गई है।
अमहिया मार्ग का भविष्य: जाम से मिलेगी स्थायी मुक्ति
इस मार्ग के चौड़ीकरण से न केवल एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों को सुपर स्पेशियलिटी और जिला अस्पताल तक पहुँचने में आसानी होगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी रोजाना लगने वाले भीषण जाम से छुटकारा मिलेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पूरे स्ट्रेच को एक 'मॉडल रोड' के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें फुटपाथ और उचित ड्रेनेज सिस्टम भी शामिल हो।
विकास की राह में कड़े कदम अनिवार्य
रीवा को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए सड़कों का चौड़ा होना अनिवार्य है। हालांकि, स्थानीय व्यापारियों को इस दौरान आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है, लेकिन शहर के व्यापक हित में अतिक्रमण हटाना आवश्यक हो गया है। प्रशासन की ओर से संकेत मिल चुके हैं कि अब और ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जल्द ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।