रीवा में एटीएम फ्रॉड का मास्टरस्ट्रोक! बिहार-झारखंड से 5 शातिर गिरफ्तार, शिक्षिका के खाते से उड़ाए थे 5.40 लाख

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र रीवा में साइबर ठगी और धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने एटीएम मशीनों में कार्ड फंसाकर और मदद का झांसा देकर बैंक खातों से रकम साफ करने वाले गिरोह के पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई रीवा की बिछिया थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई है, जिसके तार पड़ोसी राज्यों बिहार और झारखंड से जुड़े हुए पाए गए हैं।

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ठगी का शातिर तरीका और घटना का घटनाक्रम
यह पूरा मामला पिछले महीने 24 अगस्त का है, जब शहर के व्यस्त एसएएफ चौराहा स्थित एसबीआई एटीएम पर एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। टीआरएस कॉलेज में पदस्थ एक शिक्षिका कल्पना त्रिपाठी का केनरा बैंक खाता है। उस दिन उनके पति मुकेश मिश्रा अपनी पत्नी का एटीएम कार्ड लेकर उक्त एटीएम पर पैसे निकालने गए थे। उन्होंने जैसे ही मशीन में कार्ड डालकर पिन दर्ज किया, स्क्रीन पर कैश डिस्पेंस का मैसेज तो आ गया लेकिन कार्ड अंदर ही फंस गया। जब वह कार्ड निकालने की जद्दोजहद कर रहे थे, तभी वहां पहले से मौजूद शातिर बदमाशों ने उन्हें गार्ड या बैंक की मदद लेने की सलाह दी।

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एटीएम बूथ पर उस समय कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था, जिसका फायदा उठाकर मुकेश मिश्रा अपना मोबाइल लेने के लिए थोड़ा दूर कमरे की तरफ गए। इसी बीच उनकी पत्नी के पास बैंक खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे, जिससे उनके होश उड़ गए। फौरन बैंक प्रबंधक और साइबर हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। जांच में खुलासा हुआ कि शातिर बदमाशों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5 लाख 40 हजार रुपए पार कर दिए थे।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और अंतरराज्यीय गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिछिया पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपियों की सुरागकशी शुरू की। मोबाइल नंबरों और टॉवर लोकेशन के आधार पर मिले इनपुट के बाद रीवा पुलिस की एक विशेष टीम ने बिहार और झारखंड के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में अभिषेक कुमार गुप्ता, इमरान अंसारी और कार्यानंद सरस्वती (तीनों निवासी गया, बिहार) के अलावा मोहम्मद फैज अंसारी तथा अभिमन्यु कुमार वर्मा (दोनों निवासी कोडरमा, झारखंड) शामिल हैं।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने ठगी के 4 लाख रुपए नकद, एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, एक पीओएस मशीन, तीन सिम कार्ड और तीस फोन-पे स्कैनर बरामद किए हैं। अदालत में पेश करने के बाद न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों को केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।

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