तेज रफ्तार से बस पलटी: 'ड्राइवर लड़की से बात कर रहा था', 12 यात्री घायल, ड्राइवर फरार!

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले के चोरहटा में कुल्लू मोड़ के पास शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सुबह 9 से 10 बजे के बीच, यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार बस बेकाबू होकर पलट गई। हादसे के वक्त बस में कुल 25 यात्री सवार थे, जिनमें से 12 यात्रियों को मामूली चोटें आईं। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और कोई जनहानि नहीं हुई। बस के पलटने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों और घायल यात्रियों के अनुसार, भारत ट्रेवल्स की यह बस सेमरिया से रीवा की ओर जा रही थी। बस का चालक तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था और पूरी तरह से लापरवाह था। यात्रियों ने कई बार उसे सावधानी से बस चलाने की सलाह दी, लेकिन चालक ने उनकी बातों को अनदेखा कर दिया।
एक महिला यात्री सुनीता ने बताया कि बस चालक पीछे बैठी एक लड़की से बात करने में इतना व्यस्त था कि उसका ध्यान सड़क पर नहीं था। इसी दौरान, सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने की कोशिश में बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। यह दर्शाता है कि चालक की लापरवाही ही इस हादसे का मुख्य कारण थी।
ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर किया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने तुरंत पुलिस को भी इसकी सूचना दी। चोरहटा थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई।
घायल यात्रियों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया गया ताकि उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। पुलिस टीम ने बस के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया।
घायलों की हालत स्थिर, चालक फरार
संजय गांधी अस्पताल के सीएमओ डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि दुर्घटना में घायल हुए सभी 12 यात्रियों की हालत स्थिर है। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, दो यात्रियों को एहतियातन डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को टाला जा सके।