खाकी की नाक के नीचे चल रहा था 'मौत' का धंधा! IG ने खुद दी दबिश, सिविल लाइन पुलिस के 'करीबी' के पास मिला नशीला जखीरा
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा के नवागत आईजी गौरव राजपूत ने कार्यभार संभालते ही माफियाओं और लापरवाह पुलिसकर्मियों की नींद उड़ा दी है। शहर के बीचों-बीच चल रहे नशे के अवैध कारोबार पर आईजी के सीधे हस्तक्षेप के बाद अब हड़कंप मचा हुआ है। विशेष रूप से सिविल लाइन थाने की नाक के नीचे चल रहे इस गोरखधंधे के खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईजी गौरव राजपूत की फटकार और पुलिस की अचानक दबिश
रीवा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आईजी गौरव राजपूत को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आईजी ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और तत्काल एक्शन लेने का निर्देश दिया। आईजी की फटकार के बाद हरकत में आई सिविल खाकी की नाक के नीचे चल रहा था 'मौत' का धंधा! IG ने खुद दी दबिश, सिविल लाइन पुलिस के 'करीबी' के पास मिला नशीला जखीरालाइन पुलिस ने वार्ड नंबर 6, झिरिया क्षेत्र में घेराबंदी की, जहाँ एक बड़े जखीरे के छिपे होने की बात सामने आई थी।
चाय दुकान की आड़ में नशे का नेटवर्क: आरोपी मोहन जोशी गिरफ्तार
पकड़ा गया आरोपी मोहन जोशी (पिता भुवनचन्द जोशी) लंबे समय से सिविल लाइन थाने के ठीक सामने चाय की दुकान चलाता था। स्थानीय सूत्रों और रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मियों का काफी करीबी माना जाता था, जिसकी वजह से उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर कभी किसी ने उंगली नहीं उठाई। इसी 'करीबी' का फायदा उठाकर वह सालों से नशे का अवैध कारोबार संचालित कर रहा था।
झिरिया में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आंगन से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस टीम जब झिरिया स्थित आरोपी के घर पहुंची, तो उसे आंगन से ही धर दबोचा गया। तलाशी के दौरान घर के पास ही एक कमरा मिला जिसमें ताला लगा हुआ था। पुलिस ने जब विधिवत गवाहों के सामने ताला तुड़वाया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां सफेद बोरियों में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई थी।
लाखों की कोडीन युक्त सिरप और बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस ने मौके से 608 शीशियां कोडीन फॉस्फेट युक्त नशीली कफ सिरप बरामद की है। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 1,22,512 रूपए आंकी गई है। यह सिरप युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने के लिए अवैध रूप से बेची जा रही थी। पुलिस ने पूरी खेप को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
पुलिस के 'करीबी' पर NDPS एक्ट के तहत मुकदमा
सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी मोहन जोशी के खिलाफ अपराध क्रमांक 120/2026 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी पर NDPS एक्ट की धारा 8, 21, 22 लगाई गई है। इस कार्रवाई के बाद से उन पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप है जो आरोपी के संपर्क में थे। आईजी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नशे के सौदागरों को संरक्षण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
क्या रीवा पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था बड़ा सिंडिकेट?
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि आरोपी वर्षों से थाने के सामने सक्रिय था। क्या स्थानीय पुलिस को इसकी भनक नहीं थी? या जानबूझकर अनदेखी की गई? आईजी गौरव राजपूत की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब सूचनाओं पर सीधा प्रहार होगा और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।