रीवा में CM Mohan Yadav का "सर्प्राइज अटैक": दिल्ली से सीधे पहुंचे ग्राउंड जीरो, बाढ़ पीड़ितों के लिए खोल दी तिजोरी!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) विंध्य अंचल के रीवा जिले में हुई भारी बारिश और जलभराव की स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अचानक रीवा पहुंचे। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोपहर बाद रवाना होकर मुख्यमंत्री सीधे रीवा एयरपोर्ट पहुंचे। क्षेत्र में बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों, जलभराव और नागरिकों को हुई समस्याओं पर सरकार ने त्वरित संज्ञान लिया है। एयरपोर्ट पर आगमन के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और जिले भर में बाढ़ की अद्यतन स्थिति, राहत कार्यों के संचालन और सुरक्षा इंतजामों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की।

एयरपोर्ट पर समीक्षा और गुलाब नगर में ग्राउंड जीरो का मुआयना
प्रशासनिक समीक्षा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जमीनी हकीकत जानने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का रुख किया। वे रीवा के जलभराव प्रभावित प्रमुख इलाके गुलाब नगर पहुंचे, जहां उन्होंने जलमग्न हुए गलियों और मकानों का निरीक्षण किया।
जलनिकासी के सख्त निर्देश: मुख्यमंत्री ने नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि आवासीय बस्तियों में जमा पानी को आधुनिक पंपों व वैकल्पिक मार्गों के जरिए तत्काल निकाला जाए।
संक्रमण से बचाव और सुदृढीकरण: बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही बीमारियों के खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान, दवा का छिड़काव और ठप पड़ी नागरिक सुविधाओं को दोबारा तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए गए।
निरंतर निगरानी: स्थानीय प्रशासनिक टीमों को निर्देश दिया गया कि वे प्रभावित इलाकों में 24 घंटे मुस्तैद रहें ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत सामग्री और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राहत शिविर, मुआवजा और नुकसान का त्वरित सर्वे
रीवा नगर निगम क्षेत्र समेत ग्रामीण अंचलों में अतिवृष्टि से व्यापक क्षति हुई है। बाढ़ के पानी से सैकड़ों घरों में रखा राशन, कपड़े, बर्तन और दैनिक उपयोग का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट किया कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ जनता के साथ खड़ी है।

मकान व सामग्री क्षतिपूर्ति: जिन नागरिकों के घर आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, अथवा गृहस्थी का सामान नष्ट हुआ है, उन्हें राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जनहानि एवं पशुहानि पर राहत: बाढ़ के कारण हुई किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि का त्वरित आकलन कर नियमानुसार मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।
फसलों का विशेष सर्वे: किसानों के खेतों में डूबी फसलों के नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल सर्वे शुरू करने का आदेश दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट आते ही फसल क्षतिपूर्ति जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों से बारिश थमने और जलस्तर नीचे जाने के बाद राहत शिविरों से लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। सरकार हर प्रभावित परिवार का पुनर्वास सुनिश्चित करेगी।