रीवा कलेक्टर की 'एंट्री' से SGMH में हड़कंप: डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक की फूल गई सांसें, जानें अचानक क्यों पहुंचे सूर्यवंशी!

 
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कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी अचानक संजय गांधी अस्पताल पहुँचे, जिससे स्टाफ में खलबली मच गई। क्या यह औचक निरीक्षण था या कुछ और? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा के नवागत कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी अपने कड़े तेवरों और ताबड़तोड़ कार्यवाहियों के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि सोमवार को जब वे अचानक संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल (SGMH) के परिसर में दाखिल हुए, तो वहां मौजूद डॉक्टरों से लेकर निचले स्टाफ तक में हड़कंप मच गया। सबको लगा कि शायद आज किसी विभाग की शामत आने वाली है, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।

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निरीक्षण नहीं, नासाज सेहत बनी वजह
अस्पताल में मचे शोर-शराबे के बीच यह स्पष्ट हुआ कि कलेक्टर साहब किसी सरकारी निरीक्षण के लिए नहीं, बल्कि अपनी सेहत की जांच कराने पहुंचे थे। हाल ही में रीवा में पदस्थ हुए सूर्यवंशी जी को यहां की बदलती आबोहवा शायद रास नहीं आई, जिसके कारण वे वायरल इन्फेक्शन की चपेट में आ गए हैं।

दो बार अस्पताल के चक्कर: सुबह मेडिसिन, शाम को ईएनटी
कलेक्टर की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीमारी में भी वे दो बार अस्पताल पहुंचे:

दोपहर का दौरा (मेडिसिन विभाग): दोपहर करीब 1 बजे कलेक्टर सीधे मेडिसिन विभाग पहुंचे। वहां उन्होंने डॉ. मनोज इंदूलकर से परामर्श लिया। गले में संक्रमण और कफ की शिकायत के चलते उन्होंने अपना प्राथमिक उपचार कराया।

शाम का दौरा (ईएनटी विभाग): गले की तकलीफ कम न होने पर वे शाम को दोबारा गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल (GMH) के ईएनटी (ENT) विभाग पहुंचे। यहाँ उन्होंने गले की गहन जांच कराई। इस दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक और स्टाफ मुस्तैद रहा।

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खौफ ऐसा कि थम गईं सांसें
नवागत कलेक्टर सूर्यवंशी ने पदभार संभालते ही जिस तरह से लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों पर गाज गिराई है, उसका असर सोमवार को अस्पताल में साफ दिखा। जैसे ही उनकी गाड़ी अस्पताल के गेट पर रुकी, जो स्टाफ ड्यूटी पर नहीं था, वह भी भागकर अपनी जगह पर पहुँच गया। हालांकि, जब पता चला कि वे केवल इलाज के लिए आए हैं, तब जाकर अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।

रीवा की आबोहवा और बढ़ता कार्यभार
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि लगातार मैदानी निरीक्षण और फाइलों के बढ़ते बोझ के बीच वायरल संक्रमण ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया है। उनके गले में इन्फेक्शन अधिक बताया जा रहा है, जिसके लिए डॉक्टरों ने उन्हें जरूरी दवाइयां और आराम की सलाह दी है।

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