रीवा की 'भूखी' चौपाटी: गैस संकट ने बुझाई होटलों की भट्टी! लकड़ी और कोयले के भरोसे कब तक चलेगा विंध्य का व्यापार?
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र रीवा में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने 'फूड इंडस्ट्री' की कमर तोड़ दी है। शहर के छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट्स तक, हर जगह गैस की कमी का असर साफ देखा जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने अपने बाहर 'गैस की कमी के कारण दुकान बंद है' के बोर्ड चस्पा कर दिए हैं।

लॉकडाउन जैसे हालात: चौपाटी पर सन्नाटा, रेस्टोरेंट्स पर लटके ताले
रीवा की प्रसिद्ध चौपाटी और रेलवे स्टेशन रोड, जो कभी देर रात तक गुलजार रहते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। गैस आपूर्ति बाधित होने से भोजन तैयार करना लगभग असंभव हो गया है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि वे अब तक का सबसे बुरा दौर देख रहे हैं। दुकानों के बंद होने से न केवल मालिकों की आय शून्य हो गई है, बल्कि वहां काम करने वाले वेटर, रसोइये और अन्य कर्मचारी भी बेरोजगारी की कगार पर पहुँच गए हैं। कई संचालकों के लिए कर्मचारियों का वेतन और दुकान का किराया निकालना भी अब पहाड़ जैसी चुनौती बन गया है।

कोयले और लकड़ी का सहारा: बढ़ती लागत और धुएं में दम तोड़ता व्यापार
गैस सिलेंडर न मिलने के कारण कुछ संचालकों ने अपनी साख बचाने के लिए मजबूरी में पुराने दौर का रास्ता अपनाया है। शहर के कई हिस्सों में अब रेस्टोरेंट्स के पीछे से कोयले और लकड़ी का धुआं निकलता देखा जा सकता है। हालांकि, यह विकल्प भी बहुत महंगा साबित हो रहा है। कोयले की बढ़ती कीमतों और धीमी कुकिंग के कारण ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, साथ ही धुएं की वजह से काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

कलेक्टर प्रतिभा पाल का आश्वासन: कब तक सामान्य होगी सप्लाई?
इस गंभीर संकट पर रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल और घरेलू गैस की सप्लाई चेन को दुरुस्त किया जा रहा है और जल्द ही आपूर्ति को सामान्य कर दिया जाएगा। विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टल कैंटीन और प्रमुख फूड जॉइंट्स के लिए प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में रीवा का व्यापार फिर से पटरी पर लौट आएगा।