रीवा क्राइम अलर्ट: दो बड़ी डकैतियां, एक ही पैटर्न, लेकिन पुलिस की फाइल में आरोपी अब भी 'फरार'!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले कुछ समय में शहर के भीतर "गन पॉइंट" पर डकैती की दो ऐसी घटनाएं सामने आईं जिन्होंने न केवल आम जनता को झकझोर कर रख दिया, बल्कि पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस इन सनसनीखेज मामलों का पर्दाफाश करने में विफल रही है।
विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र: साइंटिस्ट दंपति के साथ हुई अमानवीयता
जुलाई 2024 की वह रात रीवा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) के वैज्ञानिक चंद्रशेखर पटेल और उनकी पत्नी राजकुमारी पटेल अपने घर में सुरक्षित महसूस कर रहे थे, लेकिन अचानक छह नकाबपोश बदमाशों ने उनके घर पर धावा बोल दिया।

डेढ़ घंटे तक मौत का तांडव
बदमाशों ने दंपति को गन पॉइंट पर ले लिया। उनकी क्रूरता की हदें पार करते हुए, लुटेरों ने साइंटिस्ट और उनकी पत्नी के हाथ-पैर और मुंह टेप से बांध दिए। राजकुमारी पटेल ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बदमाशों ने उनकी आंखों पर भी टेप चिपका दिया था ताकि वे किसी को पहचान न सकें।
बर्बरता की पराकाष्ठा
लूटपाट के दौरान बदमाशों ने केवल धन-दौलत ही नहीं ली, बल्कि पीड़ित दंपति को शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया। श्रीमती पटेल के अनुसार, उनके चेहरे और सीने पर जूतों से प्रहार किया गया, उनकी उंगलियों को कुचला गया और बाल पकड़कर उन्हें घर के भीतर घसीटा गया। बदमाश घर से करीब 6 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के जेवर लेकर चंपत हो गए। इस घटना को डेढ़ साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन पुलिस के पास अब तक कोई ठोस सुराग नहीं है।

चोरहटा थाना क्षेत्र: बुजुर्ग रमाशंकर सिंह के घर डकैती
रीवा के गोड़हर मोहल्ले में 2 अप्रैल 2025 को हुई दूसरी घटना ने यह साबित कर दिया कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। यहाँ बदमाशों ने बल के साथ-साथ छल का भी सहारा लिया।
दोस्ती का झांसा देकर घर में प्रवेश
सेवानिवृत्त कर्मचारी रमाशंकर सिंह तिवारी के घर तीन बदमाश पहुंचे। उन्होंने खुद को उनके बेटे राहुल का मित्र बताया। जैसे ही बुजुर्ग ने भरोसे में आकर दरवाजा खोला, बदमाशों ने उन पर पिस्तौल तान दी।
बंधक बनाकर की गई लूट
बदमाशों ने करीब तीन घंटे तक रमाशंकर जी को बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उन्होंने घर की तलाशी ली और 20 तोला सोना तथा 2 लाख रुपये नगद लूट लिए। हैरानी की बात यह है कि घर में मौजूद एक मासूम बच्चा इस पूरी घटना का गवाह बना, लेकिन पुलिस अब तक उन तीन चेहरों तक नहीं पहुंच पाई है। पीड़ित परिवार आज भी उस खौफनाक शाम को याद कर कांप उठता है।
रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इन दोनों ही मामलों में कुछ बातें सामान्य हैं:
- हथियारों का खुला प्रदर्शन: दोनों ही घटनाओं में बदमाशों ने बेखौफ होकर हथियारों का इस्तेमाल किया।
- लंबे समय तक कब्जा: अपराधी घंटों तक घरों में रहे, जिससे पता चलता है कि उन्हें पुलिस पेट्रोलिंग का कोई डर नहीं था।
- जांच में शिथिलता: महीनों और सालों बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी न होना पुलिस की खुफिया तंत्र की विफलता को दर्शाता है।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि पुलिस केवल आश्वासन देती है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। क्या रीवा में अपराधी इतने प्रभावशाली हो गए हैं कि वे पुलिस की पहुंच से बाहर हैं?
दहशत के साए में रीवा के नागरिक
इन अनसुलझी डकैतियों के कारण रीवा के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग और अकेले रहने वाले कामकाजी लोग दहशत में हैं। साइंटिस्ट चंद्रशेखर पटेल और रमाशंकर सिंह तिवारी जैसे संभ्रांत नागरिकों के साथ हुई इन घटनाओं ने पुलिस के 'सुरक्षा के दावों' की पोल खोल दी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्य चिंताएँ:
रात के समय पुलिस गश्त की कमी।
- सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस सिस्टम का सक्रिय न होना।
- अपराधियों के रिकॉर्ड और उनकी आवाजाही पर नजर न रखना।
निष्कर्ष: न्याय की प्रतीक्षा में पीड़ित
रीवा में हुई ये दो डकैतियां महज लूटपाट के मामले नहीं हैं, बल्कि ये प्रशासन के लिए एक चुनौती हैं। जब तक इन आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक जनता का विश्वास कानून पर बहाल नहीं हो पाएगा। पुलिस को चाहिए कि वे इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: रीवा में साइंटिस्ट के घर डकैती कब हुई थी? उत्तर: साइंटिस्ट चंद्रशेखर पटेल के घर डकैती 16-17 जुलाई 2024 की मध्यरात्रि को हुई थी।
प्रश्न 2: गोड़हर मोहल्ले में डकैती का क्या मामला है? उत्तर: 2 अप्रैल 2025 को चोरहटा थाना क्षेत्र के गोड़हर में तीन बदमाशों ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को बंधक बनाकर लाखों की लूट की थी।
प्रश्न 3: क्या पुलिस ने इन मामलों में कोई गिरफ्तारी की है? उत्तर: प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दोनों ही सनसनीखेज मामलों में पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
प्रश्न 4: साइंटिस्ट दंपति के घर से कुल कितनी लूट हुई थी? उत्तर: बदमाशों ने करीब 6 लाख रुपये नकद और सोने के जेवर लूटे थे।
प्रश्न 5: क्या इन घटनाओं में कोई घायल भी हुआ था? उत्तर: हाँ, साइंटिस्ट चंद्रशेखर पटेल और उनकी पत्नी राजकुमारी पटेल को बदमाशों ने बेरहमी से पीटा था, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।