मसीहा या महिलाओं का शिकारी? रीवा के नामी डॉक्टर के वायरल ऑडियो ने हिलाया विंध्य; बेटियों की 'बोली' लगाने वाले रसूखदारों पर फूटा जनता का गुस्सा, कब होगी इन सफेदपोशों की गिरफ्तारी?

 
ghfgh
रीवा के नामी डॉक्टर का शर्मनाक ऑडियो वायरल; महिलाओं को 'माल' समझकर सौदेबाजी और दुष्कर्म की स्वीकारोक्ति।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य की धरा पर मानवता को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिसने समाज के 'अभिजात्य' वर्ग के मुखौटे को नोच कर फेंक दिया है। जिसे समाज 'धरती का भगवान' कहकर पूजता है, उसी सफेद कोट के पीछे एक ऐसी घिनौनी हवस छिपी है, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए। रीवा के एक नामी हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पैसा और रसूख किसी को महिलाओं की अस्मत से खेलने का लाइसेंस दे देता है?

हवस का 'प्रिस्क्रिप्शन': ऑडियो में महिलाओं की गरिमा का सरेआम सौदा
हाल ही में रीवा की सड़कों पर इसी डॉक्टर की पत्नी द्वारा एक युवती की सरेराह पिटाई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक विस्फोटक ऑडियो ने पूरे शहर में आग लगा दी है। इस ऑडियो में कथित तौर पर डॉक्टर और उसके एक दलाल साथी के बीच हो रही बातचीत किसी अपराधी गिरोह के संवाद जैसी प्रतीत होती है।

शब्दावली जो शर्मसार कर दे: ऑडियो में महिलाओं को इंसान नहीं, बल्कि 'माल' और 'आइटम' जैसे शब्दों से तौला जा रहा है।
अपराध की स्वीकारोक्ति: बातचीत के दौरान एक 24 वर्षीय युवती के साथ जबरदस्ती और दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं का जिक्र बेखौफ अंदाज में किया गया है।
मजबूरी का फायदा: ऑडियो से साफ झलकता है कि ये रसूखदार लोग मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद लड़कियों की मजबूरियों को अपनी हवस की सीढ़ी बनाते हैं।

क्या रीवा में सक्रिय है कोई हाई-प्रोफाइल 'सेक्स सिंडिकेट'?
वायरल हो रहे इस संवाद में जिस तरह से 'डिमांड' और 'सप्लाई' की भाषा इस्तेमाल की जा रही है, वह केवल एक व्यक्ति की विकृति नहीं, बल्कि एक संगठित सेक्स रैकेट की ओर इशारा करती है।

दलालों का जाल: डॉक्टर का साथी जिस तरह से लड़कियों की 'उपलब्धता' सुनिश्चित कर रहा है, उससे स्पष्ट है कि शहर में एक गहरा जाल बिछा हुआ है।
काली कमाई का नशा: करोड़ों की प्रैक्टिस और ऊंचे रसूख के नशे में चूर ये सफेदपोश गुंडे कानून को अपनी जेब में समझते हैं।
बेटियों की सुरक्षा पर संकट: अगर समाज के रक्षक और शिक्षित वर्ग ही भक्षक बन जाएं, तो आम नागरिक अपनी बेटियों को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?

सिस्टम की लाचारी या रसूख का दबाव? पुलिस की भूमिका पर सवाल
सड़क पर पत्नी का तांडव हो या अब डॉक्टर का यह 'डर्टी ऑडियो'—प्रशासन की सुस्ती ने जनता के मन में संदेह पैदा कर दिया है। क्या खाकी इन रसूखदारों के बंगलों की दहलीज पर जाकर ठिठक जाती है?

निष्पक्ष जांच की मांग: स्थानीय संगठनों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि ऑडियो की फॉरेंसिक जांच हो और इसमें शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जाए।
ठंडे बस्ते में फाइल: आशंका जताई जा रही है कि अपनी राजनीतिक और आर्थिक पहुंच का इस्तेमाल कर ये 'डॉक्टर कम दरिंदा' मामले को दबाने की कोशिश करेगा।

अब आर-पार की लड़ाई!
यह ऑडियो केवल एक क्लिप नहीं, बल्कि रीवा के उस 'गंदे अंडरवर्ल्ड' का कच्चा चिट्ठा है जो पॉश कॉलोनियों के बंद कमरों में चलता है। सफेद कोट पर लगे इन खून और हवस के धब्बों को साफ करने का जिम्मा अब पुलिस और न्यायपालिका पर है। यदि अब कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाली नस्लें हमें कभी माफ नहीं करेंगी।

सोशल मीडिया पर दावों की बाढ़, पर क्या है सच्चाई?
रीवा के गलियारों में गूँज रहे इस ऑडियो ने सनसनी तो मचा दी है, लेकिन इसकी वैधानिकता अभी भी जांच का विषय है। यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि रीवा न्यूज़ मीडिया इस वायरल ऑडियो और वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। यह पूरी तरह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कंटेंट और चर्चाओं पर आधारित है। पुलिस की फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज वाकई संबंधित डॉक्टर की है या इसे किसी साजिश के तहत तैयार किया गया है।

Related Topics

Latest News