रीवा: गुढ़ तहसील में EWS प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली, 10 हजार की रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले के प्रशासनिक महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने गुढ़ तहसील कार्यालय में दबिश दी। सोमवार, 19 जनवरी 2026 को हुई इस कार्रवाई में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
बेटी के भविष्य के लिए दर-दर भटका पिता, व्यवस्था ने माँगी रिश्वत
भ्रष्टाचार का यह मामला सीधे तौर पर एक आम नागरिक की बेबसी से जुड़ा है। फरियादी बृजेंद्र मणि त्रिपाठी (निवासी ग्राम नरहवा, तहसील गुढ़) अपनी बेटी के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र बनवाना चाहते थे। बेटी के शैक्षणिक और भविष्य के अवसरों के लिए यह दस्तावेज अत्यंत आवश्यक था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि सरकारी सिस्टम की फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा रिश्वत के रूप में देना होगा।
अक्टूबर 2024 से लंबित थी फाइल: क्यों किया जा रहा था जानबूझकर विलंब?
आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। फरियादी ने अक्टूबर 2024 में ही आवेदन कर दिया था। नियमतः इस प्रक्रिया में इतना समय नहीं लगना चाहिए, लेकिन भगवानदीन ने फाइल को दबाकर रखा। जब भी फरियादी काम के बारे में पूछता, उसे कोई न कोई तकनीकी बहाना बताकर लौटा दिया जाता। अंततः, ऑपरेटर ने स्पष्ट कर दिया कि बिना "सेवा शुल्क" यानी 10 हजार रुपये दिए सत्यापन (Verification) का काम आगे नहीं बढ़ेगा।
19 जनवरी 2026: EOW रीवा की सुनियोजित घेराबंदी और सफल ट्रैप
जब भ्रष्टाचार सीमा से बाहर हो गया, तो फरियादी ने हिम्मत दिखाई और इसकी शिकायत EOW रीवा में दर्ज कराई। शिकायत की सत्यता की जांच करने के बाद, EOW एसपी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। योजना के अनुसार, सोमवार को फरियादी को केमिकल लगे हुए नोटों के साथ तहसील कार्यालय भेजा गया। जैसे ही भगवानदीन चौरसिया ने फरियादी से 10 हजार रुपये हाथ में लिए, आसपास सादे कपड़ों में तैनात EOW की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।
जांच की आंच अब तहसीलदार तक: क्या तहसीलदार अरुण यादव भी थे शामिल?
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब फरियादी ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर ऑपरेटर अकेले यह काम नहीं कर रहा था। आरोपों के अनुसार, गुढ़ तहसीलदार अरुण यादव की भूमिका भी इस भ्रष्टाचार में संदिग्ध है। फरियादी का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारी बड़े अधिकारियों की शह के बिना इतनी बड़ी हिम्मत नहीं कर सकते। वर्तमान में, EOW की टीम तहसीलदार की संलिप्तता के पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। यदि साक्ष्य मिलते हैं, तो गाज बड़े अधिकारियों पर भी गिरना तय है।
कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम: इन जांबाज अधिकारियों ने सिखाया सबक
भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट को तोड़ने में EOW के कई अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस टीम का नेतृत्व और सहयोग निम्नलिखित अधिकारियों ने किया:
- निरीक्षक प्रियंका पाठक
- निरीक्षक हरीश त्रिपाठी
- उप निरीक्षक गरिमा त्रिपाठी
- उप निरीक्षक भावना सिंह
- उप निरीक्षक रुचिका सूर्यवंशी
- एवं अन्य सहायक कर्मचारी।
सरकारी दफ्तर में रिश्वत माँगी जाए तो क्या करें?
अगर आपसे भी किसी काम के बदले पैसे मांगे जाते हैं, तो डरें नहीं। आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- लोकायुक्त या EOW को सूचना दें: अपने जिले के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क करें।
- साक्ष्य जुटाएं: यदि संभव हो, तो बातचीत की रिकॉर्डिंग करें।
- लिखित शिकायत: लिखित में आवेदन दें ताकि आधिकारिक कार्रवाई शुरू हो सके।
निष्कर्ष: भ्रष्टाचार मुक्त रीवा की ओर एक कदम
गुढ़ तहसील की यह कार्रवाई भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। EWS जैसे महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र के लिए एक गरीब परिवार को महीनों तक परेशान करना और फिर रिश्वत की मांग करना नैतिक और कानूनी रूप से अक्षम्य अपराध है। समाज को ऐसे 'लवकुश सेन' और 'बृजेंद्र मणि' जैसे जागरूक नागरिकों की जरूरत है जो व्यवस्था के आगे झुकने के बजाय उसके खिलाफ खड़े हों।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: गुढ़ तहसील में किस कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है? उत्तर: तहसील गुढ़ में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 2: कार्रवाई किस विभाग द्वारा की गई? उत्तर: यह कार्रवाई आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा की टीम द्वारा की गई।
प्रश्न 3: रिश्वत किस काम के बदले माँगी गई थी? उत्तर: बेटी के EWS (Economically Weaker Section) प्रमाण पत्र के सत्यापन के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
प्रश्न 4: क्या इस मामले में तहसीलदार पर भी कार्रवाई होगी? उत्तर: फरियादी ने तहसीलदार पर भी आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच EOW द्वारा की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
प्रश्न 5: यह घटना कब की है? उत्तर: यह कार्रवाई सोमवार, 19 जनवरी 2026 को तहसील कार्यालय गुढ़ में की गई।