रीवा क्राइम अलर्ट: गढ़ थाना क्षेत्र में युवक के साथ बेरहमी, 'स्वयंभू जज' बनकर दबंगों ने बरसाए डंडे; पुलिस ने शुरू की तलाश
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटरा इलाके में कुछ दबंगों ने एक युवक के साथ ऐसी दरिंदगी की, जिसे देखकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। चोरी के संदेह में युवक को न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि उसे उल्टा लटकाकर बेरहमी से डंडों से पीटा गया।
घटना का पूरा विवरण: तालिबानी अंदाज में दी सजा
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो लगभग 7 मिनट 20 सेकंड का है। इस वीडियो में तीन मुख्य किरदार नजर आ रहे हैं—दो वे जो पिटाई कर रहे हैं और तीसरा वह जो इस पूरी हैवानियत को कैमरे में कैद कर रहा है। आरोप है कि पीड़ित युवक पर चोरी का संदेह था, और इसी आधार पर आरोपियों ने स्वयं ही 'जज' बनकर उसे सजा देना शुरू कर दिया।
देखिए, तस्वीरें...




वीडियो के रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य
वीडियो की शुरुआत में ही दिखता है कि दबंगों ने पीड़ित को चारों तरफ से घेर रखा है। इसके बाद जो हुआ वह बेहद भयावह था:
उल्टा लटकाकर पिटाई: एक आरोपी ने पीड़ित के पैर पकड़कर उसे हवा में उल्टा लटका दिया, जबकि दूसरा शख्स डंडे से उसके शरीर के नाजुक हिस्सों पर प्रहार करता रहा।
वीडियो और गालियां: वीडियो बनाने वाला शख्स लगातार गालियां दे रहा है और मारने वालों को उकसा रहा है कि "इसे और जोर से मारो, नाम उगलवाओ।"
बेरहमी की हद: एक समय पर मारने वाले शख्स को फोन आता है, और वह बड़े ही इत्मीनान से फोन पर बात करते हुए भी युवक पर डंडे बरसाता रहता है।
गिड़गिड़ाता रहा पीड़ित, नहीं पिघला आरोपियों का दिल
पिटाई के दौरान पीड़ित युवक बार-बार अपनी जान की भीख मांगता रहा। वह कहता रहा, "भैया छोड़ दो, मैं टूट गया हूँ, अब कभी ऐसा नहीं करूँगा।" लेकिन आरोपियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। जब पीड़ित ने पैर पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके चेहरे पर लात मारी और उसे जमीन पर पटक दिया।
हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने युवक के जूते उतरवाकर उसके पैरों के तलवों पर डंडे मारे, जिसे पुलिसिया भाषा में 'थर्ड डिग्री' कहा जाता है। पीड़ित ने अंत में अधमरी हालत में कबूल किया कि वह एक दिन गया था, लेकिन बाकी जानकारी उसे नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का रुख
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही रीवा पुलिस सक्रिय हो गई है। गढ़ थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि युवक ने चोरी की थी, तो उसे पुलिस के हवाले किया जाना चाहिए था। फिलहाल, पुलिस पीड़ित और आरोपियों दोनों की तलाश में जुटी है ताकि सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कानून हाथ में लेना कितना बड़ा अपराध?
भारत के संविधान और आईपीसी (अब भारतीय न्याय संहिता) के तहत किसी भी व्यक्ति को बंधक बनाना और उसे शारीरिक यातना देना गंभीर अपराध है। इस मामले में आरोपियों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) या गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है। 'मोब लिंचिंग' जैसी प्रवृत्तियां समाज के लिए घातक हैं।
निष्कर्ष: सामाजिक चेतना की आवश्यकता
रीवा की यह घटना दर्शाती है कि समाज में असहनशीलता किस कदर बढ़ रही है। न्याय की प्रक्रिया सड़क पर नहीं, कोर्ट और थाने में होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं के वीडियो बनाना और उन्हें वायरल करना भी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: रीवा में युवक की पिटाई का मामला किस थाना क्षेत्र का है? उत्तर: यह घटना रीवा जिले के गढ़ थाना अंतर्गत कटरा क्षेत्र की बताई जा रही है।
प्रश्न 2: वीडियो में कुल कितने आरोपी नजर आ रहे हैं? उत्तर: मुख्य रूप से दो युवक पिटाई करते दिख रहे हैं और तीसरा व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है।
प्रश्न 3: पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं? उत्तर: पुलिस ने वीडियो संज्ञान में लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।
प्रश्न 4: क्या चोरी के शक में किसी को पीटना कानूनी रूप से सही है? उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
प्रश्न 5: क्या पीड़ित युवक की पहचान हो पाई है? उत्तर: पुलिस स्थानीय स्तर पर युवक की तलाश कर रही है ताकि उसका बयान दर्ज कर मामला दर्ज किया जा सके।