6 साल का साथ और ये अंजाम? एक शक ने उजाड़ा सिंदूर: दर्द से कराहती शिवानी अब अपने पिता को भी नहीं पहचान पा रही, जानिए क्या हुआ बैढ़न में?

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात रीवा के संजय गांधी अस्पताल में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहाँ भर्ती एक विवाहिता की हालत देखकर डॉक्टरों की रूह भी कांप गई है। बैढ़न में रहने वाले एक शख्स ने अपनी ही पत्नी पर उस समय 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर शुरू कर दिया जब शक और विवाद ने उसके दिमाग पर कब्जा कर लिया। लोहे की रॉड, वजनी पत्थर और डंडों से किए गए इस हमले ने न केवल एक महिला का शरीर छलनी कर दिया, बल्कि उसके दिमाग पर ऐसी गहरी चोट पहुंचाई है कि वह अब अपनों को पहचानने तक की स्थिति में नहीं है।

विवाद की जड़: शक का बीज और फोन पर हुई बहस 
पीड़िता शिवानी गुप्ता (28), जो मूलतः सतना जिले के बिरसिंहपुर की रहने वाली है, का विवाह 6 साल पहले नागौद के पुनीत गुप्ता से हुआ था। पुनीत वर्तमान में बैढ़न में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पुनीत शिवानी के चरित्र पर संदेह करने लगा था। विवाद की तात्कालिक वजह तब बनी जब शिवानी ने अपने पति को किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर संदिग्ध तरीके से बात करते पकड़ा। विरोध करने पर पुनीत आपे से बाहर हो गया और उसने अपनी जीवनसंगिनी को जान से मारने की नियत से हमला कर दिया।

मासूम रियांश की गवाही: "पिता ने पत्थर से मां का हाथ कुचला" 
इस पूरी बर्बरता का सबसे दुखद पहलू यह है कि इस खौफनाक मंजर को उनके मासूम बेटे रियांश गुप्ता ने अपनी आँखों से देखा। मासूम ने रोते हुए बताया कि उसके पिता ने पहले पत्थर से माँ के हाथ को बेरहमी से कुचला। जब माँ चिल्लाई तो पिता ने डंडों से उनके पैरों पर वार किए। इतना ही नहीं, सिर पर लोहे की रॉड और पत्थरों से इतने प्रहार किए गए कि शिवानी वहीं अचेत हो गई। मासूम की ये बातें सुनकर हर किसी की आँखें नम हैं।

गंभीर चोटें और मानसिक आघात: क्या वापस आएगी याददाश्त? 
वर्तमान में शिवानी रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, सिर पर बार-बार हुए वार के कारण मस्तिष्क की नसों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। परिणाम स्वरूप, शिवानी की याददाश्त पूरी तरह जा चुकी है। वह अस्पताल के बिस्तर पर बेसुध पड़ी है और अपने पिता व अन्य परिजनों को भी नहीं पहचान पा रही है। अस्पताल प्रशासन उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

इंसानियत शर्मसार: ससुराल पक्ष ने बनाई दूरी, पुलिस ने कसी कमर 
अत्याचार की हद तो तब हो गई जब इस गंभीर स्थिति के बावजूद ससुराल पक्ष का एक भी सदस्य घायल शिवानी का हाल जानने अस्पताल नहीं पहुँचा। पीड़िता के पिता लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को न्याय दिलाया जाए और आरोपी दामाद को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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