रीवा में 'कोरेक्स' साम्राज्य का अंत शुरू: आईजी का सख्त फरमान—रसूखदार हों या वर्दी वाले, कोई नहीं बचेगा
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने नशीले कफ सिरप 'कोरेक्स' के अवैध कारोबारियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। आईजी ने साफ कर दिया है कि विंध्य की धरा पर अब जहर बेचने वालों की खैर नहीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नशा तस्करी के इस काले खेल में शामिल शख्स चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या उसकी पहुंच सत्ता के गलियारों तक ही क्यों न हो, उसे सलाखों के पीछे जाना ही होगा।
वर्दी में छिपे 'भेड़ियों' पर भी गिरेगी गाज
आईजी का सबसे कड़ा प्रहार विभाग के भीतर बैठे उन काली भेड़ों पर है जो तस्करों के मददगार बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी या मुखबिर की संलिप्तता पाई गई, तो उन्हें न केवल बर्खास्त किया जाएगा बल्कि जेल की हवा भी खिलाई जाएगी। "पुलिस की छवि खराब करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है," यह बयान उन लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है जो खाकी की आड़ में 'सेटिंग' का खेल खेलते हैं।
कोरेक्स: युवाओं के भविष्य का दीमक
रीवा रेंज में कोरेक्स का बढ़ता चलन युवाओं को खोखला कर रहा है। पुलिस प्रशासन ने माना है कि नशे की लत ने न केवल परिवारों को तबाह किया है बल्कि अपराध की दर भी बढ़ाई है। इसी को ध्यान में रखते हुए, अब केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि तस्करी के 'जड़' यानी उन रास्तों और सप्लायर्स को चिन्हित किया जा रहा है जहाँ से यह जहर रीवा में प्रवेश करता है।
सफेदपोश तस्करों का 'नेटवर्क' होगा ध्वस्त
रीवा पुलिस अब केवल छोटे पैडलर्स (बेचने वालों) को ही नहीं, बल्कि इस पूरे सिंडिकेट के 'आकाओं' को दबोचने की तैयारी में है। बीते कुछ दिनों में हुई बड़ी जप्तियों ने तस्करों के हौसले पस्त किए हैं। पुलिस अब स्कूलों और कॉलेजों के आसपास एक सुरक्षा घेरा बनाने जा रही है ताकि छात्रों को इन माफियाओं के चंगुल से दूर रखा जा सके।
जनता की भागीदारी: आपकी सूचना, माफिया का काल
आईजी ने आम जनता से इस महायुद्ध में सैनिक बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि आपके आसपास कहीं भी नशा बिक रहा है, तो बेखौफ होकर पुलिस को बताएं। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। समाज और पुलिस के इसी साझा प्रयास से रीवा को 'कोरेक्स सिटी' के दाग से मुक्ति दिलाई जा सकती है।
क्या अब थमेगी नशे की रफ़्तार?
रीवा रेंज में चल रहे इस 'क्लीनअप' अभियान से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। आईजी के कड़े रुख ने यह संकेत दे दिया है कि अब समझौता नहीं, सिर्फ समाधान होगा। आने वाले दिनों में बड़े नेटवर्क पर बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।