शिक्षा के मंदिर में 'मानव तस्करी': रीवा के ITI छात्रों को बंधक बनाकर कराई 16 घंटे मजदूरी, एसपी से शिकायत के बाद मचा हड़कंप
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने शिक्षा संस्थानों की शुचिता पर कालिख पोत दी है। यहाँ के दो निजी आईटीआई संस्थानों— मातेश्वरी आईटीआई और पार्वती आईटीआई— पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने ही छात्रों का सौदा गुजरात की एक फैक्ट्री के साथ कर दिया। 'कौशल विकास' और 'सुनहरे भविष्य' के नाम पर छात्रों को अहमदाबाद भेजा गया, जहाँ उनके साथ किसी गुलाम या बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार किया गया।

ट्रेनिंग या मानव तस्करी: 1500 रुपये में बिका एक-एक भविष्य
पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे छात्रों ने जो आपबीती सुनाई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। छात्रों का आरोप है कि संस्थान के प्रबंधन ने उन्हें 'प्रति छात्र 1500 रुपये' के कमीशन पर फैक्ट्री को बेच दिया था।
- लालच: छात्रों को बताया गया कि अहमदाबाद में उन्हें अच्छी ट्रेनिंग मिलेगी, रहना-खाना मुफ्त होगा और साथ ही आकर्षक वेतन (Salary) भी दिया जाएगा।
- हकीकत: जब छात्र वहाँ पहुंचे, तो पता चला कि न तो खाना फ्री है और न ही रहने की कोई उचित व्यवस्था। संस्थान ने छात्रों को मजदूरी के लिए एक ऐसी जगह धकेल दिया था जहाँ से निकलना मुश्किल था।
अहमदाबाद की फैक्ट्री में 16 घंटे की 'गुलामी'
रीवा के ये पढ़े-लिखे युवा, जो हाथ में हुनर लेने गए थे, उनसे वहां 16-16 घंटे मजदूरों की तरह काम लिया गया। विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया और डराया गया। छात्रों ने बताया कि कंपनी के पास उनकी जानकारी 'खरीदे गए मजदूरों' के रूप में थी, न कि प्रशिक्षुओं (Trainees) के रूप में। किसी तरह वहां से बचकर निकले ये छात्र अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
फेल करने की धमकी: 'गुजरात नहीं गए तो करियर बर्बाद कर देंगे'
जांच में यह भी सामने आया कि कई छात्र गुजरात जाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
ब्लैकमेल: कॉलेज प्रबंधन और अध्यापकों ने छात्रों को सीधा अल्टीमेटम दिया था कि यदि वे इस 'ट्रेनिंग' के लिए नहीं जाते हैं, तो उन्हें प्रैक्टिकल और मुख्य परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा।
मजबूरी: अपने करियर को बचाने और डिग्री हासिल करने के डर से इन 12 छात्रों ने गुजरात जाने का फैसला किया, जो उनके लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ।

नामजद शिकायत: इन लोगों पर लगे हैं गंभीर आरोप
पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई लिखित शिकायत में कुल 12 छात्रों (हनुमान प्रसाद कोरी, पुष्पराज साकेत, प्रदीप लोधी, आर्यन मिश्रा आदि) ने हस्ताक्षर किए हैं। शिकायत में सीधे तौर पर संस्थान के प्रमुख चेहरों को आरोपी बनाया गया है:
- अजय सिंह पटेल (प्राचार्य)
- पुष्पेन्द्र पटेल (अध्यापक)
- गौरव सिंह (अध्यापक)
- संतोष सिंह परिहार (अध्यापक)
छात्रों ने मांग की है कि इन सभी के खिलाफ मानव तस्करी (Human Trafficking) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
क्या प्रशासन करेगा सख्त कार्रवाई?
यह मामला केवल एक कॉलेज का नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों की सुरक्षा का है जो निजी संस्थानों के भरोसे अपना भविष्य दांव पर लगाते हैं। रीवा पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे इस 'एजुकेशन माफिया' पर लगाम लगाएं जो युवाओं के सपनों को चंद रुपयों के लिए नीलाम कर रहे हैं। फिलहाल, एसपी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।