रीवा में रंगबाजी पड़ी भारी: खुद को तीसमार खान समझने वाला अवैध पिस्टल के साथ चढ़ा पुलिस के हत्थे, पलभर में उतरा सारा गुरूर : पढ़िए पूरा मामला 

 
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रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में जेल रोड पर हुई फायरिंग और हत्या के प्रयास के फरार मुख्य आरोपी नमन उर्फ कमलनयन सिंह को पुलिस ने देशी पिस्टल के साथ दबोचा।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के प्रमुख केंद्र रीवा जिले से कानून व्यवस्था और पुलिस की सख्ती से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। रीवा जिले के बिछिया थाना अंतर्गत जेल रोड क्षेत्र में कुछ महीने पहले हुई सनसनीखेज फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस गंभीर अपराध में लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ गया है।

बिछिया थाना पुलिस ने त्वरित और तकनीकी कार्रवाई करते हुए आरोपी नमन उर्फ कमलनयन सिंह को दबोच लिया है। पुलिस ने न केवल उसे गिरफ्तार किया, बल्कि उसके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया था। कानूनी प्रक्रियाओं और न्यायालय में पेशी के बाद, अदालत के निर्देशानुसार जेल वारंट जारी होने पर आरोपी को केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है और पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।

पुलिस कार्रवाई और बरामदगी 
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। घटना के बाद से ही आरोपी नमन उर्फ कमलनयन सिंह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। हालांकि, रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देश के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया था।

पुलिस अधीक्षक (SP) गुरकरन सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजीव पाठक के मार्गदर्शन में बिछिया थाना प्रभारी उप निरीक्षक अंकिता मिश्रा के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। आरोपी के मोबाइल टॉवर लोकेशन को ट्रेस किया गया और सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी की।

घेराबंदी इतनी मजबूत थी कि आरोपी के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा। पुलिस ने उसे धर दबोचा और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपने पास छिपाई गई देशी पिस्टल के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त अवैध देशी पिस्टल को भी बरामद कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुराना विवाद और कानूनी धाराएं 
यह पूरा मामला 22-23 जून 2026 की दरम्यानी रात का है, जब रीवा शहर के व्यस्त माने जाने वाले जेल रोड क्षेत्र में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से सनसनी फैल गई थी। इस खतरनाक वारदात के पीछे एक पुराना विवाद बताया जा रहा है।

शिकायतकर्ता उदित चंद जायसवाल ने बिछिया थाने में इस घटना की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कुछ पुराने विवाद की रंजिश को लेकर आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अक्षत सोनी की गाड़ी का पीछा किया था। जब पीड़ित वाहन जेल रोड के पिछले हिस्से में पहुँचा, तो आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। यह गोलीबारी इतनी खतरनाक थी कि उदित जायसवाल के कंधे को गोली छूते हुए निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गए। इसके अलावा, फायरिंग में पीड़ित के वाहन पर भी कई गोलियों के निशान बन गए, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिछिया थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था:

  • धारा 126(2) बीएनएस: गलत तरीके से रोकने या अवरोध पैदा करने से संबंधित।
  • धारा 109(1) बीएनएस: हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) करने के आरोप में।
  • धारा 3(5) बीएनएस: साझा आपराधिक मंशा या सामान्य इरादे से अपराध को अंजाम देना।
  • धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट: अवैध हथियार रखने और उसका खतरनाक इस्तेमाल करने के तहत।

पुलिस इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों—अभय पाण्डेय, प्रिंस गुप्ता और विकास सिंह—को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी थी। अब मुख्य आरोपी नमन उर्फ कमलनयन सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में सभी मुख्य नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

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