रीवा: मोबाइल में 'पॉर्न' वीडियो का खौफनाक असर, 14 साल के किशोर ने 6 साल की मासूम चचेरी बहन को बनाया हवस का शिकार

 
cvxcv
जनेह थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना। मासूम को बहला-फुसलाकर बनाया हवस का शिकार। आरोपी हिरासत में, बाल न्यायालय में चलेगी सुनवाई।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में रिश्तों को कलंकित कर देने वाला एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। जनेह थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़के ने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने की लत के चलते अपनी ही 6 साल की चचेरी बहन को हवस का शिकार बना लिया। इस घटना ने न केवल रीवा बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

कुरकुरे' का लालच और एक खौफनाक साजिश
घटना शनिवार रात की है। आरोपी किशोर ने मासूम बच्ची को कुरकुरे खिलाने का लालच दिया और उसे विश्वास में लेकर घर से बाहर ले गया। दुकान से वापस लौटने के बाद, उसने बच्ची को घर के एक सुनसान कमरे में ले जाकर अपनी दरिंदगी को अंजाम दिया। आरोपी ने मासूमियत का फायदा उठाया, यह जानते हुए भी कि वह उसकी ही चचेरी बहन है।

तबीयत बिगड़ने पर खुला राज
पीड़िता की स्थिति बिगड़ने पर परिजनों को संदेह हुआ। जब घर वालों ने बच्ची से पूछताछ की, तो उसने जो बताया उसे सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची ने पूरी घटना का ब्योरा दिया, जिसके बाद परिजन उसे लेकर सीधे जनेह थाने पहुँचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की सख्ती और बाल न्यायालय का रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनेह पुलिस ने तत्काल प्रभाव से आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है। चूंकि आरोपी की उम्र 14 वर्ष है, इसलिए भारतीय न्याय संहिता और संबंधित कानूनों के तहत उसे बालिगों की तरह सजा नहीं दी जा सकती। पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई 'बाल न्याय अधिनियम' (Juvenile Justice Act) के तहत की जाएगी और उसका ट्रायल बाल न्यायालय (Juvenile Court) में चलेगा।

डिजिटल युग का डरावना चेहरा: मोबाइल और अश्लील सामग्री की पहुंच
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध अश्लील सामग्री (Pornography) किशोरों के कोमल मस्तिष्क पर कितना घातक प्रभाव डाल रही है। बिना किसी निगरानी के मोबाइल का इस्तेमाल बच्चों को अपराधी बना रहा है। समाजशास्त्री मानते हैं कि आज के दौर में बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना माता-पिता के लिए अनिवार्य हो गया है।

क्या कहता है कानून और समाज?
इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में कानून को और अधिक सख्त होना चाहिए। हालांकि, नाबालिग होने के कारण आरोपी को सुधार गृह भेजा जा सकता है, लेकिन यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि आखिर इन बच्चों में अपराध की यह भूख कैसे और कहाँ से पनप रही है?

Related Topics

Latest News