रीवा में खाकी का बड़ा एक्शन: कबाड़ी मोहल्ले में नशीली सिरप बेच रही माया देवी गिरफ्तार, दूसरा चेहरा भी जल्द बेनकाब!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में रीवा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कबाड़ी मोहल्ला इलाके में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जो प्रतिबंधित और नशीली कफ सिरप की फुटकर बिक्री कर रही थी। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
नशे की गिरफ्त में युवा पीढ़ी और अवैध सिंडिकेट
आज के समय में नशीली कफ सिरप का अवैध व्यापार युवाओं और किशोरों को अपनी चपेट में ले रहा है। चिकित्सक पर्ची के बिना और प्रतिबंधित मात्रा में बेची जाने वाली ये कफ सिरपें नशे के विकल्प के रूप में उपयोग की जा रही हैं। रीवा जिले के विभिन्न इलाकों में इस तरह के अवैध नेटवर्क समय-समय पर सक्रिय हो जाते हैं, जिन्हें जड़ से समाप्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। कबाड़ी मोहल्ला जैसी घनी बस्तियों में इस प्रकार के काले कारोबार का संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर समाज के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर मिली सफलता
शनिवार की रात सिविल लाइन थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम को एक पुख्ता मुखबिर सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, कबाड़ी मोहल्ला निवासी माया देवी लोनिया नामक महिला अपने आवास के आसपास अवैध रूप से नशीली कफ सिरप की फुटकर बिक्री कर रही थी।
दबिश और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
- सूचना प्राप्ति: पुलिस को स्थानीय स्तर पर गुप्त सूत्रों से अवैध गतिविधि की सटीक जानकारी मिली।
- योजनाबद्ध दबिश: थाना प्रभारी के निर्देशन में एक विशेष पुलिस दल ने तुरंत कबाड़ी मोहल्ला में बताए गए ठिकाने पर छापा मारा।
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: मौके से आरोपी महिला माया देवी लोनिया को संदिग्ध परिस्थितियों में नशीली सिरप के साथ धर दबोचा गया।
- सामग्री जब्ती: पुलिस ने मौके से अवैध कफ सिरप की खेप और बिक्री से जुड़े साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए।
फरार आरोपी महिला की तलाश और पुलिस की आगामी रणनीति, पूछताछ में खुले अन्य राज
गिरफ्तारी के बाद जब सिविल लाइन थाने में माया देवी लोनिया से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। पूछताछ के दौरान एक अन्य महिला का नाम सामने आया है जो इस अवैध धंधे में उसकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साझेदार बताई जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से ही यह दूसरी महिला पुलिस की पकड़ से दूर और फरार चल रही है।
पुलिस का सर्च ऑपरेशन और आपराधिक इतिहास की छानबीन
संभावित ठिकानों पर छापेमारी: फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार रीवा शहर और आसपास के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच: गिरफ्तार महिला माया देवी लोनिया के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि वह पहले भी इस तरह के मामलों में संलिप्त रही है या नहीं।
सप्लायर नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि रीवा के कबाड़ी मोहल्ले तक यह नशीली कफ सिरप थोक में कहां से और किसके माध्यम से पहुंचाई जाती थी।
नशे के इस कारोबार के सामाजिक और कानूनी दुष्प्रभाव
अवैध नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित कफ सिरप का यह कारोबार समाज के ताने-बाने को अंदर से खोखला कर रहा है। कम उम्र के बच्चों और युवाओं का इन नशों कीत तरफ आकर्षित होना परिवारों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर अपराध दर में भी वृद्धि की आशंका बनी रहती है, जिससे निपटने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई अत्यंत सराहनीय और आवश्यक है।
कानूनी प्रावधान और कड़ी सजा
मध्य प्रदेश में नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित औषधियों के अवैध भंडारण, परिवहन और विक्रय के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य सुसंगत औषधि अधिनियमों के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अदालत में पुख्ता चार्जशीट पेश कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।