रीवा में 2 कौड़ी की पुलिसगिरी! बहू के झगड़े में 1 लाख की घूस मांग रहे थे चचाई चौकी प्रभारी, लोकायुक्त ने पुलिस की साख पर पोत दी कालिख
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत लोकायुक्त संभाग रीवा ने शुक्रवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। महानिदेशक योगेश देशमुख और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त टीम ने सेमरिया थाना अंतर्गत चौकी चचाई के प्रभारी (ASI) के लिए रिश्वत लेते उनके निजी वाहन चालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही से समूचे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
बहू के झगड़े में 'सेटिंग' के नाम पर मांगी थी 1 लाख की घूस
इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा तब हुआ जब ग्राम चचाई निवासी शिवकुमार कोल (60 वर्ष) ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के सामने अपनी पीड़ा रखी।
- विवाद की जड़: शिवकुमार की बहू मालती कोल का पड़ोसी से विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत पुलिस चौकी में की गई थी।
- पुलिस का खौफ: आरोप है कि चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया (ASI) ने शिवकुमार के बेटे पुष्पेंद्र कोल को केस से बचाने और मामले में समझौता कराने के बदले 1 लाख रुपए की मांग की थी।
- पहली किश्त: काफी मान-मनौव्वल के बाद पहली किश्त के रूप में 30 हजार रुपए देना तय हुआ था।
चचाई मोड़ पर बिछाया जाल, 'अंकुर' के हाथों तक पहुँचते ही दबोचा
लोकायुक्त एसपी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जो सही पाई गई। इसके बाद डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम तैयार की गई।
- लोकेशन: तय योजना के अनुसार, चचाई मोड़ स्थित मोहम्मद इस्लाम के घर के पास सौदा तय हुआ।
- रंगे हाथ गिरफ्तारी: चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया के कहने पर उनका वाहन चालक अंकुर कुशवाहा जैसे ही शिकायतकर्ता से 30,000 रुपए ले रहा था, सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे धर दबोचा।
- कार्रवाई: आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जो गुलाबी हो गए। टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी शासकीय सेवक यदि कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो जनता निर्भीक होकर शिकायत करें।
शिकायत हेतु संपर्क करें: > 📞 98936 07619 (लोकायुक्त रीवा हेल्पलाइन)