NDPS की आड़ में 'डकैती': मनगवां पुलिस ने लूटी महिला की चेन और अंगूठी, वीडियो वायरल होते ही IG ने किया 'प्रहार', 3 नपे

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले के मनगवां थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा कलंक लगा दिया है। मादक पदार्थों (NDPS) के खिलाफ कार्रवाई का ढोंग रचकर पुलिसकर्मियों ने एक महिला के सोने के गहने ही पार कर दिए। न रिकॉर्ड में एंट्री की और न ही मालखाने में जमा कराया। जब पीड़ित महिला का दर्द सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए छलका, तब जाकर प्रशासन की नींद खुली। रीवा आईजी गौरव राजपूत ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यवाहक निरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

कार्रवाई का मुखौटा और वसूली का खेल: क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत तब हुई जब मनगवां पुलिस ने बारात से लौट रहे कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने उन पर एनडीपीएस एक्ट और ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत केस बनाने की तैयारी की। इसी अफरा-तफरी के बीच, पुलिसकर्मियों की नीयत डोल गई।

जब्ती या डकैती?: पुलिस ने वहां मौजूद एक महिला की सोने की चेन और अंगूठी उतरवा ली। नियमतः किसी भी जब्ती को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ इन जेवरों का नामोनिशान मिटा दिया गया।
वायरल वीडियो ने मचाया बवाल: पीड़ित महिला ने हार मानकर अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें उसने बिलखते हुए पुलिस की इस 'अवैध वसूली' और 'चोरी' का पर्दाफाश किया।

आईजी का हंटर: गजेंद्र सिंह धाकड़ समेत 3 पर गिरी गाज
मामला आईजी गौरव राजपूत तक पहुँचते ही जांच के आदेश दिए गए। शुरुआती जांच में ही पुलिसकर्मियों का आचरण 'अत्यंत संदिग्ध और भ्रष्ट' पाया गया। साफ़ हो गया कि ज्वेलरी जब्त तो की गई थी, लेकिन उसे सरकारी फाइलों से गायब कर दिया गया।

  • सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी:
  • गजेंद्र सिंह धाकड़ (कार्यवाहक निरीक्षक/थाना प्रभारी)
  • विजय यादव (आरक्षक)
  • बृजकिशोर अहिरवार (आरक्षक)

आईजी गौरव राजपूत ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि:
"पुलिस का काम सुरक्षा देना है, लूटना नहीं। जो भी कर्मचारी कानून की मर्यादा लांघेगा और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाएगा, उसे विभाग में रहने का कोई हक नहीं है। पारदर्शिता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं होगा।"

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