रीवा में शाही शादी: जब लग्जरी कारें छोड़ हेलीकॉप्टर से दुल्हनिया लेने निकला दूल्हा, उमड़ पड़ा पूरा गांव
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शादियों का सीजन अक्सर अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है, लेकिन 26 फरवरी 2026 को सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में जो हुआ, उसने इतिहास रच दिया। बरौहा गांव के रहने वाले अमित सिंह बघेल ने अपनी शादी को इतना यादगार बना दिया कि आज हर तरफ उन्हीं की चर्चा है। दूल्हा न तो किसी विंटेज कार में सवार हुआ और न ही पारंपरिक घोड़ी पर; उन्होंने अपनी ससुराल पहुंचने के लिए 'उड़न खटोले' यानी हेलीकॉप्टर का चुनाव किया।

32 साल का इंतजार और एक इमोशनल सपना
इस शाही अंदाज के पीछे सिर्फ रसूख नहीं, बल्कि एक बेटे का अपने पिता के प्रति सम्मान छिपा है। अमित के पिता, राकेश सिंह बघेल, का परिवार पिछले 32 सालों से महाराष्ट्र के पुणे में सेटल है और वहां उनका अपना सफल बिजनेस है। शहर की चकाचौंध में रहने के बावजूद राकेश सिंह के मन में हमेशा एक टीस रहती थी कि उनके छोटे से गांव 'बरौहा' को कोई नहीं पहचानता।

अमित ने बताया कि उनके पिता का सपना था कि उनके गांव को एक ऐसी पहचान मिले कि दूर-दूर तक लोग इसका नाम जानें। इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए अमित ने तय किया कि वह अपनी शादी अपने पैतृक गांव से ही करेंगे और बारात हेलीकॉप्टर से ले जाएंगे, ताकि बरौहा का नाम हमेशा के लिए लोगों के जेहन में दर्ज हो जाए।
बरौहा से जतरी तक का रोमांचक सफर
बुधवार की दोपहर जैसे ही हेलीकॉप्टर के पंखों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, पूरे बरौहा गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। दूल्हा बने अमित सिंह बघेल ने गांव से उड़ान भरी और डभौरा के जतरी गांव में बने अस्थाई हेलीपैड पर लैंड किया। वहां धानेद्र सिंह चौहान की बेटी रिया सिंह चौहान के साथ उनकी शादी की रस्में पूरी हुईं।

हजारों की संख्या में ग्रामीण इस 'आसमानी बारात' के गवाह बने। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई अपने मोबाइल में इस पल को कैद करने की होड़ में लगा था। गांव की गलियों में सन्नाटा था क्योंकि पूरी जनता हेलीपैड की तरफ दौड़ पड़ी थी।
पुणे के उद्योगपति का गांव के प्रति अटूट लगाव
अक्सर देखा जाता है कि लोग शहर जाकर अपनी जड़ों को भूल जाते हैं, लेकिन बघेल परिवार ने एक मिसाल पेश की है। तीन दशकों से पुणे में रहने के बाद भी उन्होंने अपनी कुल परंपराओं और गांव की मिट्टी को प्राथमिकता दी। उन्होंने न केवल गांव के घर से वैवाहिक रस्में निभाईं, बल्कि इस आयोजन के जरिए गांव के विकास और उसकी प्रसिद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम भी उठाया।
इंटरनेट पर वायरल हुआ 'शाही दूल्हा'
जैसे ही हेलीकॉप्टर से दूल्हे की एंट्री के वीडियो सोशल मीडिया पर आए, वे जंगल की आग की तरह फैल गए। इंस्टाग्राम रील्स और फेसबुक पर लोग अमित सिंह के इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं। कोई इसे "ड्रीम वेडिंग" कह रहा है, तो कोई इसे पिता के प्रति बेटे का सबसे बड़ा तोहफा मान रहा है। सिरमौर और डभौरा क्षेत्र में यह शादी अब एक किंवदंती बन चुकी है।