रीवा में आर-पार: कलेक्टर के समर्थन में कूदे विधायक अभय मिश्रा, बोले— 'चिंता मत करो साहब, मेरे पास है सबके भ्रष्टाचार की फाइलें
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले में प्रशासन और पंचायत अमले के बीच छिड़ी खींचतान ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। जहाँ एक ओर कर्मचारी कलेक्टर की सख्ती के खिलाफ सड़कों पर हैं, वहीं सेमरिया विधायक अभय मिश्रा खुलकर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के बचाव में उतर आए हैं। विधायक के इस कदम ने हड़ताली कर्मचारियों की रणनीतियों पर पानी फेर दिया है।
विधायक अभय मिश्रा के तीखे तेवर: "कलेक्टर साहब, आप डरो मत"
विधायक अभय मिश्रा ने आंदोलनकारी कर्मचारियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रशासन की सख्ती केवल उन लोगों को चुभ रही है जो भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने कलेक्टर को आश्वस्त करते हुए कहा, "चिंता मत करो कलेक्टर साहब, मैं आपके साथ हूँ।" विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल दबाव की राजनीति कर रहे हैं ताकि प्रशासन उनकी मनमानी पर आँखें मूंद ले।
भ्रष्टाचार की फाइलों का खुलेगा राज?
अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए अभय मिश्रा ने एक बड़ा धमाका किया। उन्होंने कहा, "मैं जिला पंचायत अध्यक्ष रहा हूँ और मुझे पता है कि कौन क्या खेल करता है। मेरे पास सबके भ्रष्टाचार की फाइलें मौजूद हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो मैं एक-एक फाइल सार्वजनिक कर दूंगा।" विधायक का दावा है कि विकास योजनाओं में वर्षों से हो रही लापरवाही अब रुकनी चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक सख्ती अनिवार्य है।
त्योंथर में तालाबंदी और बढ़ता आक्रोश
एक तरफ समर्थन बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ विरोध भी तेज है। त्योंथर जनपद पंचायत में पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों ने कार्यालय में ताला जड़ दिया है और अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर उन पर 'मानसिक दबाव' बना रहे हैं और उनके साथ 'अभद्र व्यवहार' किया गया है।
जनता का समर्थन: सोशल मीडिया पर छिड़ी मुहिम
हैरानी की बात यह है कि कर्मचारियों के विरोध के बीच आम जनता और सामाजिक संगठन कलेक्टर के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक मुहिम चल रही है जहाँ लोग लिख रहे हैं कि जिले के विकास के लिए अनुशासन और सख्ती जरूरी है। लोगों का मानना है कि यदि कोई अधिकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए काम कर रहा है, तो उसका विरोध नहीं, बल्कि सहयोग होना चाहिए।