"नगर निगम का 'वसूली स्ट्राइक': रीवा के इन इलाकों में मंचा हड़कंप, जब टीम घर पहुँची तो मिनटों में जमा हुए लाखों रुपये!"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा शहर के विकास के लिए अब नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। नगर निगम आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बाद, राजस्व विभाग ने संपत्तिकर (Property Tax) के बड़े बकायादारों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। गुरुवार को जोन क्रमांक-03 में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई ने शहर के उन रसूखदारों को कड़ा संदेश दिया है जो लंबे समय से सरकारी खजाने को चूना लगा रहे थे।

घर पहुंची पुलिस और निगम की टीम: कुर्की का एक्शन
गुरुवार की सुबह जब नगर निगम की राजस्व टीम, अतिक्रमण अमले और भारी पुलिस बल के साथ बकायादारों के दरवाजे पर पहुंची, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। कई बार नोटिस देने और मांग-पत्र जारी करने के बावजूद टैक्स न भरने वाले लोगों के पास अब कोई बहाना नहीं बचा था। प्रशासन की मंशा साफ थी—या तो भुगतान करें, या अपनी संपत्ति गंवाने के लिए तैयार रहें।
किसी की गाड़ी जब्त, तो किसी ने थमाया चेक
इस कार्रवाई के दौरान जोन-03 में अलग-अलग नजारे देखने को मिले:
- गाड़ियां हुई कुर्क: श्री छोटेलाल सिंह (पिता शंभू प्रसाद सिंह) द्वारा बकाया जमा न करने पर निगम ने सख्त कदम उठाया। उनकी दो मोटरसाइकिलें और एक स्कूटी मौके पर ही जब्त कर निगम के सुपुर्द कर दी गई।
- दबाव में हुआ भुगतान: कुर्की का डर ऐसा था कि जो बकायादार महीनों से टालमटोल कर रहे थे, उन्होंने मौके पर ही लाखों रुपए के चेक और नकद राशि टीम को थमा दी।
- विष्णु प्रसाद मिश्रा: ₹78,807 का पूरा भुगतान किया।
- कैलाश नाथ मिश्रा: ₹1,37,353 की राशि चेक और कैश के जरिए भरी।
- सरोज सिंह: ₹1,47,000 का बकाया तत्काल चुकाया।
- अभिनव मिश्रा: चेक के माध्यम से अपने टैक्स दायित्वों को पूरा किया।
अगला टारगेट: जोन-02 के रसूखदारों पर गिरेगी गाज
निगम की यह कार्रवाई केवल एक दिन का दिखावा नहीं है। आज यानी 9 जनवरी 2026 को जोन क्रमांक-02 के कई बड़े बकायादार प्रशासन के निशाने पर हैं। कार्रवाई की प्रस्तावित सूची में गिरजा देवी, अशोक मलकानी, मृगेन्द्र सिंह, सुब्रमणि तिवारी, रामवती मिश्रा, संतोष कुमार पटेल और संजय सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी को चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई से पहले भुगतान नहीं हुआ, तो इनकी चल-अचल संपत्तियां कुर्क होना तय है।
कानूनी प्रावधान: नगर पालिका अधिनियम 1956
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 के कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है। नियम कहते हैं कि बार-बार नोटिस देने के बाद भी यदि नागरिक टैक्स नहीं भरते, तो निगम को उनकी संपत्ति जब्त करने, बैंक खाते सीज करने और संपत्ति नीलाम करने का पूरा अधिकार है।
निष्कर्ष: शहर के विकास में सहयोग की अपील
टैक्स की यह राशि किसी अधिकारी की जेब में नहीं, बल्कि रीवा की सड़कों, बिजली, सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में खर्च होती है। नगर निगम की इस सख्ती का उद्देश्य केवल डराना नहीं, बल्कि नागरिकों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।
(अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. रीवा नगर निगम ने संपत्तिकर वसूली के लिए क्या कार्रवाई की?
उत्तर: निगम ने बड़े बकायादारों के घर पुलिस बल के साथ पहुंचकर चल-अचल संपत्ति कुर्क करने और मौके पर वसूली करने का अभियान चलाया है।
Q2. कुर्की के दौरान क्या-क्या सामान जब्त किया गया?
उत्तर: एक बकायादार के यहाँ से दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी जब्त की गई है, जबकि अन्य से लाखों का भुगतान मौके पर लिया गया।
Q3. अगला अभियान किस क्षेत्र में चलाया जाएगा?
उत्तर: अगला बड़ा अभियान आज यानी 9 जनवरी को जोन क्रमांक-02 में प्रस्तावित है।
Q4. क्या टैक्स न भरने पर जेल हो सकती है?
उत्तर: जेल के बजाय, अधिनियम के तहत संपत्ति कुर्की, बैंक खाते सीज करने और संपत्ति की नीलामी का प्रावधान है।