Rewa Murder Case: गोलियों और चाकुओं की गूंज से दहला रीवा, कांग्रेस नेता अमित कोल मर्डर मिस्ट्री में 4 गिरफ्तार!

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में मंगलवार रात हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष और वार्ड क्रमांक-4 से पार्षद का चुनाव लड़ चुके अमित कोल की सरेराह निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिन्हें आरोपी भागते समय छोड़ गए थे।

पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिन्हें आरोपी भागते समय छोड़ गए थे।

ताजा घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस ने देर रात त्वरित कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में एक स्थानीय भुट्टे का ठेला लगाने वाले व्यक्ति की भूमिका को बेहद संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है। मृतक अमित कोल का पार्थिव शरीर वर्तमान में संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) में पोस्टमार्टम प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस प्रशासन द्वारा जल्द ही इस हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा करने की संभावना है।

शांति विहार वारदात: जानिए मंगलवार रात बैंक के पास क्या हुआ था?
मंगलवार रात लगभग 10 बजे का समय था, जब अमित कोल सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति विहार इलाके में स्थित एचडीएफसी बैंक के समीप एक दुकान पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए तीन अज्ञात हमलावरों ने अचानक अमित पर हमला बोल दिया।

पुलिस बैंक सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

पुलिस बैंक सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा:
"हमलावरों और अमित के बीच किसी प्रकार का पूर्व वाद-विवाद या कहासुनी नहीं हुई। अपराधियों ने सीधे धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए, जिससे अमित को संभलने या अपना बचाव करने का कोई अवसर नहीं मिला।"
वारदात के समय मौके पर मौजूद आम नागरिकों ने शोर मचाकर और घेराबंदी कर अपराधियों को दबोचने का प्रयास किया। हालांकि, भीड़ को अपनी ओर बढ़ता देख हमलावर घबरा गए और अपनी दोनों मोटरसाइकिलें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पैदल ही भाग निकले। अत्यधिक खून बह जाने के कारण अमित कोल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

फोरेंसिक साक्ष्य, लावारिस बाइक और सीसीटीवी फुटेज: पुलिस जांच की दिशा
वारदात की सूचना मिलते ही रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा दो नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सहित सिविल लाइन थाने का भारी बल घटना स्थल पर पहुंचा।

पुलिस की जांच मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रही:

  • लावारिस वाहनों की जब्ती: अपराधियों द्वारा मौके पर छोड़ी गई दोनों मोटरसाइकिलों को पुलिस ने जब्त कर लिया है। इनके रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस डिटेल्स के जरिए पुलिस आरोपियों के नेटवर्क तक पहुंची।
  • सीसीटीवी सर्विलांस खंगालना: एचडीएफसी बैंक और आसपास की व्यापारिक दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की डिजिटल फुटेज एकत्र की गई है, जिससे अपराधियों के आने और भागने के रूट का सटीक खाका तैयार किया गया।
  • साइबर व फोरेंसिक इनपुट: एफएसएल (FSL) टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और खून के नमूने एकत्र किए। साथ ही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए संदिग्धों की पहचान सुगम हुई।

चार संदिग्ध हिरासत में: ठेला संचालक की भूमिका और एसजीएमएच में पोस्टमार्टम
मामले में देर रात बड़ा अपडेट सामने आया जब पुलिस टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर चार लोगों को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल के आसपास भुट्टे का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति की गतिविधियों को लेकर पुलिस को अहम सुराग मिले थे, जिसके बाद उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।

वर्तमान में अमित कोल के शव का संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर घटना के वास्तविक कारणों (जैसे पुरानी रंजिश, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या व्यक्तिगत विवाद) का औपचारिक पर्दाफाश कुछ ही समय में प्रेसवार्ता के माध्यम से किया जाएगा।

आदिवासी समाज में आक्रोश एवं राजनीतिक हलचल
इस दुखद घटना के बाद रीवा के स्थानीय निवासियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है। अमित कोल क्षेत्र के एक सक्रिय युवा नेता थे और सामाजिक मुद्दों पर लगातार मुखर रहते थे।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और त्रासदी:

अमित कोल के पिता मध्य प्रदेश पुलिस सेवा में कार्यरत हैं और वर्तमान में अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाने में पदस्थ हैं। विडंबना यह है कि 31 जुलाई को उनका शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति (Retirement) का दिन निर्धारित था। अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव से ठीक तीन दिन पहले जवान बेटे की असामयिक और हिंसक मृत्यु ने पूरे परिवार को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने रीवा शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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