रीवा मर्डर मिस्ट्री: उधारी के पैसों के विवाद में विनीत कुशवाहा हत्याकांड का दूसरा आरोपी सागर विश्वकर्मा गिरफ्तार, बीहर नदी में फेंका गया था शव
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है। उधारी के पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक 24 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को बीहर नदी में फेंक दिया गया था। इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दूसरे मुख्य आरोपी सागर विश्वकर्मा उर्फ ज्ञानेंद्र विश्वकर्मा को धर दबोचा है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही एक अन्य आरोपी अनुज वर्मा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।
बीहर नदी में मिला था अज्ञात शव, ऐसे खुला हत्या का राज
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गत 25 फरवरी को कटुलिया इलाके के पास बहने वाली बीहर नदी में एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में तैरता हुआ मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और शिनाख्त की कोशिश शुरू की।
मृतक की पहचान चिरहुला कॉलोनी स्थित रामराज तिराहा निवासी 24 वर्षीय विनीत कुशवाहा के रूप में हुई। शुरुआती तौर पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एंगल से जांच शुरू की। जब मृतक के शव का बारीकी से मुआयना किया गया, तो शरीर पर गंभीर चोट के कई निशान मिले, जिससे यह साफ हो गया कि मामला सामान्य मौत का नहीं बल्कि एक सुनियोजित कत्ल का है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के ब बयानों और मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया। इन कड़ियों को जोड़ने के बाद पुलिस के हाथ पुख्ता सबूत लगे और हत्या की इस खौफनाक गुत्थी से पर्दा उठ गया।
पैसे देने के बहाने बुलाकर रची गई थी खौफनाक साजिश
पुलिस पूछताछ और तकनीकी जांच में यह बात सामने आई कि मृतक विनीत कुशवाहा और आरोपियों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर कुछ उधारी का विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते मुख्य आरोपी अनुज वर्मा और उसके साथी सागर विश्वकर्मा ने एक खतरनाक साजिश रची।
आरोपियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत विनीत को बकाया पैसे लौटाने या हिसाब करने के बहाने एक सुनसान जगह पर बुलाया। जब विनीत वहां पहुंचा, तो दोनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने बेरहमी से रस्सी से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद भी जब उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो पहचान मिटाने के इरादे से उसके सिर पर भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने के लिए नदी में फेंका था शव और मोबाइल
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर आरोपियों ने सबूतों को ठिकाने लगाने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने मृतक विनीत के शव और उसके मोबाइल फोन को साक्ष्य छिपाने की नीयत से बीहर नदी के गहरे पानी में फेंक दिया ताकि किसी को कोई सुराग न मिल सके।
घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने पहले ही त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुज वर्मा को दबोच लिया था, लेकिन सागर विश्वकर्मा लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार, मुखबिर की सूचना और पुलिस के खुफिया तंत्र की मदद से फरार चल रहे सागर विश्वकर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है।