रीवा जिला प्रशासन का बड़ा फैसला: डॉ. त्रिपाठी को मिली स्वास्थ्य विभाग की चाबी, अब ग्राउंड लेवल पर होगा मरीजों का इलाज

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले के प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से डॉ. यत्नेश त्रिपाठी को रीवा का नया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नियुक्त किया गया है। वर्ष 2026 की शुरुआत में हुआ यह बदलाव जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

डॉ. यत्नेश त्रिपाठी का परिचय और अनुभव 
डॉ. यत्नेश त्रिपाठी चिकित्सा जगत में एक जाना-माना नाम हैं। उनके पास स्वास्थ्य प्रशासन और प्रबंधन का लंबा अनुभव है। इससे पहले भी वे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनकी कार्यशैली को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि रीवा में पेंडिंग पड़े हेल्थ प्रोजेक्ट्स अब गति पकड़ेंगे।

रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्या बदलाव आएंगे?
किसी भी जिले के CMHO पर पूरे जिले की स्वास्थ्य मॉनिटरिंग का जिम्मा होता है। डॉ. त्रिपाठी के आने से निम्नलिखित क्षेत्रों में बड़े सुधार की अपेक्षा है:

  • अस्पताल प्रबंधन: जिला अस्पताल और सिविल अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करना।
  • दवाइयों की उपलब्धता: स्टोर में जीवन रक्षक दवाओं की कमी को दूर करना।
  • स्टाफ की उपस्थिति: डॉक्टरों और नर्सों की ड्यूटी के समय पर कड़ी निगरानी।

डॉ. यत्नेश त्रिपाठी की प्राथमिकताएं: पहले कौन से काम होंगे? 
पदभार संभालते ही डॉ. त्रिपाठी के सामने कई चुनौतियां होंगी। उनके शुरुआती एजेंडे में ये कार्य शामिल हो सकते हैं:

  • डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: मरीजों का डेटा ऑनलाइन मैनेज करना ताकि भविष्य में इलाज आसान हो।
  • मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी: स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाना।
  • इमरजेंसी रिस्पांस: एम्बुलेंस सेवाओं (108) को और अधिक सक्रिय बनाना।

ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) का सुदृढ़ीकरण 
अक्सर देखा जाता है कि रीवा के ग्रामीण इलाकों के लोग इलाज के लिए शहर की ओर भागते हैं। नए CMHO का लक्ष्य ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों (Primary Health Centers) को इतना सक्षम बनाना होगा कि छोटी बीमारियों का इलाज गांव में ही संभव हो सके। इससे जिला अस्पताल पर बोझ कम होगा।

सरकार का मुख्य उद्देश्य और हेल्थ पॉलिसी 2026
मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य "स्वस्थ प्रदेश" की संकल्पना को साकार करना है। डॉ. यत्नेश त्रिपाठी जैसे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति इसी कड़ी का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को बिना किसी भ्रष्टाचार के मिले।

विशेष अपडेट: मकर संक्रांति मेले में स्वास्थ्य सेवाएं 
2026 की मकर संक्रांति पर रीवा के क्योटी जलप्रपात और अन्य धार्मिक स्थलों पर लगने वाले मेलों में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना है। नए CMHO के लिए यह पहली बड़ी अग्निपरीक्षा होगी, जहां उन्हें मेले के दौरान अस्थाई क्लीनिक, एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करनी होगी।

निष्कर्ष: रीवा के लिए एक नई उम्मीद 
डॉ. यत्नेश त्रिपाठी की नियुक्ति केवल एक स्थानांतरण नहीं है, बल्कि यह रीवा की आम जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की एक उम्मीद है। यदि वे अपनी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहते हैं, तो रीवा स्वास्थ्य सूचकांक में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है।

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