रीवा में 'बंदूकबाजी' का वीडियो वायरल: रील बनाने के चक्कर में फंसी जवानी, पुलिस ने दर्ज किया मामला
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। रीवा शहर में एक बार फिर सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन का मामला सामने आया है। इस बार समान थाना क्षेत्र के संजय नगर से एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक वीडियो कॉलिंग के दौरान बेखौफ होकर देशी कट्टा लहराता नजर आ रहा है। यह वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर 'भौकाल' का खतरनाक चलन
आज के दौर में सोशल मीडिया पर अपनी धमक और 'भौकाल' जमाने के लिए युवा किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि युवक ने वीडियो कॉलिंग के दौरान दोस्तों के सामने रौब जमाने के लिए यह कट्टा दिखाया था। उसे यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उसकी यह हरकत न केवल उसे बल्कि उसके पूरे गिरोह को मुसीबत में डाल देगी।
वीडियो को रिकॉर्ड किया गया और फिर उसे व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला दिया गया। यह पहली बार नहीं है जब रीवा में इस तरह का वीडियो सामने आया हो। पिछले कुछ समय से हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करना एक फैशन जैसा बन गया है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
वीडियो वायरल होने के बाद रीवा पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। सीएसपी राजीव पाठक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस की साइबर सेल वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे युवक की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस ने समान थाना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो में दिख रहे युवक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
अवैध हथियारों की उपलब्धता पर गंभीर सवाल
रीवा में पिछले एक साल में 15 से अधिक फायरिंग और गोलीकांड की घटनाएं दर्ज हुई हैं। इन घटनाओं में अधिकांश बार अवैध हथियारों का इस्तेमाल हुआ। सवाल यह है कि आखिर ये हथियार युवाओं के हाथ तक कैसे पहुंच रहे हैं? क्या शहर में अवैध हथियारों का कोई गुप्त नेटवर्क सक्रिय है?
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन आपूर्तिकर्ताओं पर लगाम नहीं कसी गई, तो शहर का माहौल और भी बिगड़ सकता है। पुलिस अब इन हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए भी अलग से जांच कर रही है।
समाज और युवाओं पर पड़ता दुष्प्रभाव
हथियारों का यह प्रदर्शन समाज में एक गलत संदेश दे रहा है। नाबालिग और युवा पीढ़ी इस तरह की हरकतों को 'दबंगई' समझकर इनका अनुसरण करने लगी है। यह न केवल उनके भविष्य को बर्बाद कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना भी पैदा कर रहा है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की सख्त आवश्यकता है।
पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को भी आगे आना होगा ताकि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।