"सावधान! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इन 'खटारा' बसों में सफर? रीवा पुलिस की जांच में खुली बड़ी पोल।"

 
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ढेकहा तिराहे पर चेकिंग के दौरान बिना फर्स्ट एड और फायर सेफ्टी के दौड़ती मिलीं बसें, 20 पर लगा जुर्माना।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में परिवहन व्यवस्था की एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। अक्सर हम और आप बिना कुछ सोचे-समझे बसों में सवार हो जाते हैं, लेकिन क्या वो बसें किसी आपात स्थिति के लिए तैयार हैं? हाल ही में ढेकहा तिराहे पर हुई पुलिस की सघन जांच ने इन दावों की हवा निकाल दी है। यह अभियान न केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई थी, बल्कि उन हजारों यात्रियों के लिए एक चेतावनी भी थी जो रोजाना इन बसों में सफर करते हैं।

ढेकहा तिराहे पर औचक निरीक्षण: 50 से अधिक वाहनों की हुई पड़ताल
यातायात पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से रीवा के प्रमुख चौराहे ढेकहा तिराहे पर घेराबंदी की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि क्या बसें परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं। चेकिंग के दौरान 50 से अधिक वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों और सुरक्षा उपकरणों की भौतिक जांच की गई। इस दौरान जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे।

फर्स्ट एड बॉक्स और फायर सेफ्टी: नियमों की धज्जियां कैसे उड़ रही हैं?
किसी भी यात्री वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक चिकित्सा किट) और फायर एक्सटिंगिवीशर (अग्निशमन यंत्र) का होना अनिवार्य है। लेकिन ढेकहा में जांच के दौरान पाया गया कि अधिकांश बसों में ये बुनियादी सुविधाएं गायब थीं। कुछ बसों में तो स्टैंड बने थे, लेकिन सिलेंडर नदारद थे। यह लापरवाही दर्शाती है कि बस संचालक यात्रियों की सुरक्षा के बजाय केवल मुनाफे पर ध्यान दे रहे हैं।

एक्सपायर्ड दवाएं और खाली सिलेंडर: एक गंभीर अपराध
जांच में सबसे गंभीर पक्ष यह सामने आया कि जिन बसों में दिखावे के लिए फर्स्ट एड बॉक्स रखे गए थे, उनमें रखी दवाएं सालों पहले एक्सपायर (Expelled) हो चुकी थीं। यानी अगर किसी यात्री को चोट लगती है, तो ये दवाएं उपचार के बजाय जहर का काम कर सकती हैं। इसी तरह, आग बुझाने वाले सिलेंडर या तो पूरी तरह खाली मिले या उनकी 'वैधता तिथि' समाप्त हो चुकी थी।

20 बसों पर चालानी कार्रवाई: प्रशासन का कड़ा रुख
नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों को कड़ा सबक सिखाने के लिए यातायात पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई की। कुल 20 यात्री बसों के खिलाफ चालान काटे गए। यह संख्या केवल एक दिन की और एक स्थान की है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे जिले में चल रही सैकड़ों अन्य बसों की स्थिति क्या होगी।

बस संचालकों में हड़कंप और यात्रियों की चिंता
इस अचानक हुई कार्रवाई से बस संचालकों और चालकों के बीच हड़कंप मच गया। कई चालक चेकिंग देखकर रास्ते बदलने की कोशिश करते भी दिखे। दूसरी ओर, बस में सफर कर रहे यात्रियों ने चिंता व्यक्त की। यात्रियों का कहना है कि टिकट के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।

 

यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा का कड़ा बयान
पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहीं यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यात्रियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मीडिया को बताया, "हमने पाया कि सुरक्षा के नाम पर बसों में केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। किसी में सिलेंडर खाली है, तो किसी में दवाएं पुरानी हैं। हमारी यह कार्रवाई केवल आज के लिए नहीं है, बल्कि यह निरंतर जारी रहेगी जब तक कि हर बस मानकों के अनुरूप न हो जाए।"

क्या केवल चालान काटने से सुधरेंगे हालात?
यह एक बड़ा सवाल है। अक्सर देखा गया है कि कार्रवाई के कुछ दिनों बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आर्थिक दंड काफी नहीं है; अगर बसें बार-बार नियमों का उल्लंघन करती हैं, तो उनके परमिट निरस्त किए जाने चाहिए।

निष्कर्ष: यात्री खुद भी बनें जागरूक
प्रशासन अपना काम कर रहा है, लेकिन एक जागरूक नागरिक के नाते यात्रियों को भी बस में चढ़ते समय सुरक्षा मानकों पर नजर रखनी चाहिए। यदि आप देखते हैं कि बस में फायर सिलेंडर नहीं है या वह खाली है, तो इसकी शिकायत तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर करें। आपकी एक सजगता किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: यात्री बस में अनिवार्य सुरक्षा उपकरण कौन से हैं? उत्तर: नियमों के अनुसार, हर बस में कार्यात्मक फायर एक्सटिंगिवीशर, अपडेटेड फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन द्वार (Emergency Exit) और फिटनेस प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
प्रश्न 2: अगर बस में सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, तो शिकायत कहाँ करें? उत्तर: आप अपने नजदीकी यातायात थाने में या परिवहन विभाग (RTO) के हेल्पलाइन नंबर पर बस के नंबर के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रश्न 3: रीवा में ढेकहा तिराहे पर कितनी बसों पर कार्रवाई हुई? उत्तर: हालिया चेकिंग अभियान में 20 यात्री बसों पर नियमों के उल्लंघन के लिए चालानी कार्रवाई की गई है।
प्रश्न 4: एक्सपायर्ड फर्स्ट एड किट रखने पर क्या सजा है? उत्तर: यह यातायात नियमों का उल्लंघन माना जाता है और इसके लिए भारी जुर्माने के साथ-साथ वाहन का परमिट खतरे में पड़ सकता है।

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