रीवा: मौत का सौदागर बनी 'पवार गैस एजेंसी'! लीकेज की शिकायत बिना जांच के की बंद, क्या किसी बड़े ब्लास्ट का है इंतज़ार?
- पवार गैस एजेंसी एक्सपोज: उपभोक्ता चिल्लाता रहा पर नहीं उठा फोन, सिस्टम में फर्जी एंट्री कर मैकेनिक ने खुद ही बंद कर दी शिकायत। रीवा प्रशासन आखिर क्यों है मौन?
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा। शहर के एलपीजी उपभोक्ताओं की जान के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। रीवा की पवार गैस एजेंसी पर आरोप है कि उसने गैस लीकेज जैसी संवेदनशील शिकायत को बिना मौके पर पहुंचे और बिना समाधान किए ही 'क्लोज' कर दिया। उपभोक्ता के व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट इस धोखाधड़ी का पुख्ता सबूत दे रहे हैं।

व्हाट्सएप चैट ने खोली पोल: मैकेनिक का नंबर आया, पर मैकेनिक नहीं
मामला शिकायत संख्या 856346689 से जुड़ा है। उपभोक्ता ने जब 1906 पर गैस रिसाव की शिकायत दर्ज कराई, तो उसे सिस्टम से मैसेज मिला कि मैकेनिक (मो. 9179457572) को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 1:13 बजे शिकायत असाइन हुई और मात्र कुछ ही समय बाद उसे 'Attended and Closed' दिखा दिया गया।
उपभोक्ता ने जब चैट पर सवाल किया कि "शिकायत कोई अटेंड ही नहीं किया तो क्लोज कैसे हो गई भैया?", तो एजेंसी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उपभोक्ता ने यहाँ तक पूछा कि "LPG लीकेज मजाक है क्या आपकी एजेंसी के लिए? सिलेंडर ब्लास्ट हो जाएगा तो जिम्मेदार कौन है?"
सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ: बिना OTP और जांच के शिकायत क्लोज
भारत सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों के सख्त नियम हैं कि गैस लीकेज की शिकायत मिलने के 2 घंटे के भीतर उसका निराकरण होना चाहिए। नियम यह भी है कि जब तक मैकेनिक उपभोक्ता के घर पहुंचकर OTP (One Time Password) नहीं लेता, तब तक शिकायत बंद नहीं की जा सकती।
लेकिन पवार गैस एजेंसी के कर्मचारियों ने सिस्टम में फर्जीवाड़ा कर बिना किसी फिजिकल वेरिफिकेशन के शिकायत को बंद कर दिया। यह सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है और एक बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।
सिलेंडर ब्लास्ट हुआ तो जिम्मेदार कौन? उपभोक्ता का तीखा सवाल
गैस एजेंसी की इस लापरवाही से उपभोक्ता डरा हुआ है। गैस रिसाव एक ऐसी समस्या है जो चंद मिनटों में पूरे घर को आग की लपेट में ले सकती है। पवार गैस एजेंसी की यह कार्यप्रणाली दर्शाती है कि उनके लिए उपभोक्ताओं की जान की कीमत कुछ भी नहीं है। क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?