WYDENALGO TRADE का मायाजाल: रीवा के शख्स से 31 लाख की ठगी, पुलिस ने इंदौर-गुजरात में दी दबिश, 9 गिरफ्तार

 
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गुजरात और इंदौर से आकर रीवा में ठगी का जाल बिछाने वाले 9 शातिर गिरफ्तार।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चोरहटा थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो 'शेयर ट्रेडिंग' के नाम पर मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहा था। इस गिरोह ने एक व्यक्ति से करीब 31 लाख 36 हजार रुपए की ठगी की थी। पुलिस ने इस मामले में गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कुल 9 आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है।

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कैसे बुना गया ठगी का जाल: "WYDENALGO TRADE" का सच 
ठगों ने निवेश के लिए “WYDENALGO TRADE” नामक एक फर्जी कंपनी का सहारा लिया। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें कम समय में पैसा दोगुना करने या शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देते थे। आरोपियों ने प्रोफेशनल दिखने वाली वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल किया, ताकि निवेशक को सब कुछ असली लगे। जब पीड़ित ने पैसा जमा करना शुरू किया, तो शुरुआत में उसे वर्चुअल डैशबोर्ड पर मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया।

पीड़ित की आपबीती और पुलिस की त्वरित कार्रवाई 
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम बड़ौखांद निवासी कौशल प्रसाद तिवारी (49) ने 23 फरवरी 2026 को चोरहटा थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। कौशल ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें झांसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों और कुछ किस्तों में नकद कुल 31,36,478 रुपए हड़प लिए।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की मदद से पुलिस गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचने में सफल रही।

इंदौर और गुजरात से जुड़े गिरोह के तार 
पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर हैं और इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। पुलिस की टीमों ने रीवा के साथ-साथ इंदौर और गुजरात के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से:

गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपियों का पूरा विवरण 

  • पुलिस ने इस मामले में इंदौर और गुजरात से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम और पते इस प्रकार हैं:
  • अशोक भाई पटेल (47 वर्ष): निवासी कहोड़ा सिटी, जिला महेसाणा, गुजरात।
  • निकुंज भाई ओझा (26 वर्ष): निवासी सुडिया, जिला महेसाणा, गुजरात।
  • प्रवीण भाई पटेल (51 वर्ष): निवासी कामली, जिला महेसाणा, गुजरात।
  • विजय कुमार (33 वर्ष): निवासी गैरिता, जिला महेसाणा, गुजरात।
  • निकुल कुमार पटेल (35 वर्ष): निवासी गिरिता, जिला महेसाणा, गुजरात।
  • प्रीतपाल सिंह धालीवाल (45 वर्ष): निवासी सिख मोहल्ला, इंदौर।
  • विनोद यादव (35 वर्ष): निवासी संगम नगर, इंदौर।
  • शुभम कनौजिया (25 वर्ष): निवासी इंदौर।
  • देवेन्द्र सिंह (27 वर्ष): पिता प्रह्लाद सिंह, निवासी गोविंद कॉलोनी, इंदौर।

शामिल हैं। इनके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य मध्य प्रदेश के स्थानीय जिलों से भी जुड़े हुए हैं जो बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे।

बरामदगी: लग्जरी कार से लेकर नोट गिनने की मशीन तक 
गिरोह की कमाई का अंदाजा उनके पास से बरामद सामान से लगाया जा सकता है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:

  • टाटा नेक्सॉन कार: जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए है।
  • टीवीएस जुपिटर स्कूटी: करीब 1 लाख रुपए कीमत।
  • नकद राशि: 51,300 रुपए कैश।
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 14 महंगे स्मार्टफोन, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।
  • नोट गिनने की मशीन: पुलिस ने 3 नोट गिनने की मशीनें (2 बड़ी और 1 छोटी) भी बरामद की हैं, जो यह दर्शाती हैं कि गिरोह बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन कर रहा था।

साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां 
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर हो रही इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है:

  • अनाम ऐप से बचें: बिना सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन वाली किसी भी ट्रेडिंग कंपनी में पैसा न लगाएं।
  • ज्यादा मुनाफे का लालच: यदि कोई कंपनी कुछ ही दिनों में पैसा दोगुना करने का दावा करे, तो वह शत-प्रतिशत फ्रॉड हो सकता है।
  • अज्ञात खातों में पैसा न भेजें: आधिकारिक कंपनी के बजाय व्यक्तिगत बैंक खातों में पैसा जमा करने से बचें।
  • साइबर हेल्पलाइन: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें।

रीवा पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है। संगठित तरीके से चलाए जा रहे इस गिरोह के पकड़े जाने से कई अन्य संभावित शिकार होने से बच गए हैं। फिलहाल सभी 9 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और पुलिस रिमांड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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