अगर पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता का क्या? रीवा में सरेआम पुलिसवाले को घसीटा

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। शहर के बीचों-बीच एक पुलिसकर्मी को कुछ युवकों ने अपनी कार के बोनट पर घसीटा। यह घटना तब हुई जब पुलिसकर्मी की बाइक कार से टकरा गई थी। शुरुआत में तो विवाद सुलझ गया, लेकिन आरोपियों ने बदले की भावना से पुलिसकर्मी पर अपनी कार चढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिसकर्मी ने अपनी जान बचाने के लिए कार के बोनट पर छलांग लगा दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस सुरक्षा और शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह भयानक वाकया गुरुवार शाम करीब 6 बजे शिल्पी प्लाजा के पास हुआ। सेमरिया थाना के शाहपुर चौकी में तैनात आरक्षक अतुल पांडेय किसी काम से बाजार गए थे। उनकी बाइक गलती से एक कार से टकरा गई। मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, लेकिन कुछ देर बाद मामला शांत हो गया। आरक्षक पांडेय वहां से जाने लगे, लेकिन कार में सवार युवकों के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। बदले की भावना से उन्होंने अपनी कार आरक्षक पर चढ़ा दी।

बोतल पर कैसे करें हमला? जान बचाने के लिए क्या किया पुलिसकर्मी ने?
जैसे ही युवकों ने कार को आरक्षक की तरफ बढ़ाया, आरक्षक अतुल पांडेय ने अपनी जान बचाने के लिए तुरंत कार के बोनट पर छलांग लगा दी। आरोपी युवकों ने इस पर भी कार नहीं रोकी, बल्कि उसकी रफ्तार और बढ़ा दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरक्षक बोनट पर लटका हुआ है और ड्राइवर तेजी से गाड़ी चला रहा है। आरक्षक को काफी दूर तक इसी तरह बोनट पर घसीटा गया, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई। इस पूरी घटना को राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।

इस घटना के बाद आरक्षक अतुल पांडेय ने सिविल लाइन थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपियों की पहचान की।

पुलिस ने कैसे की कार्रवाई और क्या हुई गिरफ्तारी?
इस भयावह वारदात में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की पहचान ध्रुव श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी आदित्य केसरवानी है। यह भी बताया गया है कि कार में एक और युवक मौजूद था, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और पुलिसकर्मी पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घटना दर्शाती है कि शहर में कानून का डर कितना कम होता जा रहा है। पुलिसकर्मी को भी अपनी जान बचाने के लिए इस तरह का जोखिम उठाना पड़ा।

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी कार के बोनट पर है। ड्राइवर ने स्पीड तेज कर दी।

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी कार के बोनट पर है। ड्राइवर ने स्पीड तेज कर दी।
शहर में सुरक्षा पर सवाल: क्या रीवा में पुलिस भी सुरक्षित नहीं?

यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना का मामला नहीं है, बल्कि यह कानून और व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती है। जब एक पुलिसकर्मी भी अपनी ड्यूटी पर सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ते अपराध और लोगों में कानून के प्रति घटते सम्मान को दर्शाती हैं। पुलिस को इस मामले में न सिर्फ आरोपियों को सख्त सजा देनी चाहिए, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए। शहर में पुलिस की गश्त बढ़ानी चाहिए और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं।

क्या होगा आरोपियों का अंजाम? जानिए कानूनी प्रक्रिया
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें सबसे गंभीर धारा हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) है। इस धारा के तहत अगर आरोप साबित होता है, तो आरोपियों को 10 साल तक की जेल या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इसके अलावा, उन पर पुलिसकर्मी पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने की भी धाराएं लगाई गई हैं।

यह मामला अदालत में जाएगा और सबूतों के आधार पर फैसला होगा। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर, सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के बयान से आरोपियों को सजा मिलने की संभावना अधिक है। यह घटना दूसरों के लिए एक सबक होनी चाहिए कि कानून को हाथ में लेने का अंजाम कितना बुरा हो सकता है।

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