"दरोगा की मूंछ मुड़वा दूंगा!"– रीवा में खाकी का नंगा नाच, 300 रुपये के लिए ईमान नीलाम

 
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चाकघाट में तैनात कर्मी योगेंद्र सिंह ठाकुर का ट्रक चालकों से वसूली करते वीडियो आया सामने, विभाग में मचा हड़कंप। 

ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां जनता की सुरक्षा के लिए तैनात डायल 112 का एक कर्मी खुद ही कानून की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है। चाकघाट क्षेत्र में मंगलवार की रात जो कुछ भी हुआ, उसने न केवल पुलिस महकमे को शर्मिंदा किया है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की पारदर्शिता पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

योगेंद्र सिंह ठाकुर का 'वसूली अभियान': 200 नहीं अब 300 लगेंगे
मामला रीवा के सीमावर्ती क्षेत्र चाकघाट का है। यहां डायल 112 में तैनात कर्मी योगेंद्र सिंह ठाकुर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह किसी लुटेरे की तरह ट्रक चालकों से पैसे वसूल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वर्दी की धौंस दिखाकर वह चालकों को डरा-धमका रहा है।

हैरानी की बात यह है कि आरोपी कर्मी खुद अपनी जेब से पैसे निकालकर कैमरे के सामने प्रदर्शन कर रहा है। उसने वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा— “देखो, सबसे 300-300 रुपए ले रहा हूं।” जब कुछ चालकों ने मिन्नतें कीं, तो उसने अहंकार दिखाते हुए कहा कि उसका दिमाग खराब कर दिया गया है, इसलिए अब वह 200 की जगह 300 रुपए ही लेगा।

अधिकारियों को खुली चुनौती: "दरोगा की मूंछ मुड़वा दूंगा"
भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा यहीं खत्म नहीं होती। वीडियो में योगेंद्र सिंह ठाकुर इतना बेखौफ नजर आ रहा है कि उसे अपने वरिष्ठ अधिकारियों का भी डर नहीं है। उसने ट्रक चालकों से कहा कि— “हमको पैसा देने के बाद अगर कोई दरोगा या थानेदार रोकता है तो उसकी मूंछ मुड़वा दूंगा, फिर मैं ठाकुर नहीं।” यह बयान दर्शाता है कि निचले स्तर पर तैनात कुछ कर्मियों के मन में अनुशासन और कानून का कोई भय नहीं रह गया है। एक तरफ पुलिस विभाग अपनी छवि सुधारने के लिए 'जन-संवाद' जैसे कार्यक्रम चलाता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कर्मी खाकी को दागदार कर रहे हैं।

लाइन में आए ट्रक चालक: महीने का 'फिक्स' खेल
वीडियो में कर्मी यह भी दावा कर रहा है कि अब सभी ट्रक चालक "लाइन में आ गए हैं"। उसने संकेत दिया कि अब से मामला केवल रोज की वसूली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि "महीना फिक्स" करने की बात चल रही है। यह सीधे तौर पर संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, जो नेशनल हाईवे पर चलने वाले ट्रकों से अवैध तरीके से वसूला जाता है।

डायल 112 की साख पर उठते गंभीर सवाल
डायल 100 या 112 जैसी सेवाओं का गठन इसलिए किया गया था ताकि संकट के समय नागरिक तुरंत पुलिस की मदद ले सकें। लेकिन जब इन वाहनों पर तैनात कर्मी ही वसूली के अड्डे चलाने लगें, तो आम आदमी किसके पास जाएगा? चाकघाट की इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रशासन से क्या है जनता की उम्मीद?
इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक बात पहुँच चुकी है। जनता और सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि:

  • आरोपी कर्मी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
  • इस वसूली तंत्र में शामिल अन्य बड़े चेहरों की पहचान हो।
  • नेशनल हाईवे पर सीसीटीवी और सतर्कता बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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