रीवा पुलिस का दोहरा मापदंड? रात में चेकिंग की सख्ती, लेकिन दिन में सामान थाने के पास खुलेआम बिक रहा गाँजा और ब्राउन शुगर

 
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रीवा में नाइट कर्फ्यू जैसी सख्ती। देर रात बेवजह घूमने वालों पर Rewa Police का शिकंजा, संदिग्धों की होगी सीधी गिरफ्तारी। जानिए क्या हैं नए नियम।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रात के सन्नाटे में होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए रीवा पुलिस ने एक बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अब शहर की सड़कों पर रात 10 बजे के बाद बिना किसी ठोस या आवश्यक कारण के घूमना (तफरी काटना) नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि देर रात संदिग्ध अवस्था में पाए जाने वाले लोगों से न केवल कड़ी पूछताछ की जाएगी, बल्कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीधे कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। यह नया नियम शहर में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए एक बड़े सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों पड़ी इस कड़े अभियान की जरूरत? 
पिछले कुछ समय से रीवा शहर के विभिन्न इलाकों से रात के समय चोरी, राहजनी, आपसी मारपीट और अवैध नशाखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। पुलिस के खुफिया तंत्र और विश्लेषण के अनुसार, अधिकांश आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच सक्रिय होते हैं। ये अपराधी अक्सर आम राहगीर या सामान्य नागरिक बनकर सड़कों पर रेकी करते हैं और मौका पाते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।

इसके अलावा, कुछ लोग देर रात चौराहों या सूने स्थानों पर खड़े होकर शराब पीते हैं, जिससे वहां से गुजरने वाले परिवारों और महिलाओं को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। इसी माहौल को पूरी तरह बदलने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के लिए इस विशेष रात्रिकालीन अभियान की शुरुआत की गई है।

सीएसपी राजीव पाठक के नेतृत्व में रातभर एक्शन 
इस बड़े सुरक्षा अभियान की कमान खुद नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजीव पाठक संभाल रहे हैं। शनिवार की शाम ढलते ही पुलिस का यह एक्शन मोड जमीन पर दिखाई देने लगा। सीएसपी राजीव पाठक के साथ सामान थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल और भारी पुलिस बल रीवा के मुख्य चौराहों, घने बाजारों और संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में मुस्तैद रहा।

पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग ग्रुप बनाकर शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग की। रात 10 बजे के बाद जैसे ही सड़कों पर सन्नाटा पसरना शुरू हुआ, पुलिस की गाड़ियां हूटर बजाते हुए गश्त पर निकल पड़ीं। इस दौरान जो भी दुपहिया या चार पहिया वाहन सड़क पर दिखाई दिया, उसे रोककर गहनता से जांच की गई।

चेकिंग के दौरान पुलिस की मुख्य रणनीतियां 

रीवा पुलिस इस अभियान को केवल एक सामान्य चेकिंग तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसके तहत कई स्तरों पर काम किया जा रहा है:

पहचान पत्र की जांच: रात में रुकने वाले हर व्यक्ति का आधार कार्ड या कोई वैध पहचान पत्र चेक किया जा रहा है।
कॉल वेरिफिकेशन: यदि कोई व्यक्ति अस्पताल जाने या किसी रिश्तेदार के घर से आने का बहाना बनाता है, तो पुलिस मौके पर ही उसके परिजनों को फोन लगाकर सच्चाई का पता कर रही है।
डेटाबेस तैयार करना: बिना वजह घूमने वाले संदिग्धों के नाम, पते और मोबाइल नंबर एक विशेष रजिस्टर में दर्ज किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी वारदात के समय उनका मिलान किया जा सके।
ड्रंकन ड्राइविंग पर एक्शन: शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ 'ब्रेथ एनालाइजर' के जरिए जांच की जा रही है और गाड़ियां जब्त की जा रही हैं।

आम जनता के लिए पुलिस की गाइडलाइंस और अपील 
सीएसपी राजीव पाठक ने मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य रीवा के संभ्रांत और आम नागरिकों को परेशान करना कतई नहीं है। पुलिस चाहती है कि कामकाजी लोग, रात्रिकालीन ड्यूटी करने वाले कर्मचारी और आपातकालीन स्थिति में फंसे लोग बिना किसी डर के आवागमन कर सकें। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

  • यदि रात 10 बजे के बाद घर से निकलना बहुत जरूरी हो, तो अपना ऑफिस आईडी या वैध कारण से जुड़े दस्तावेज (जैसे मेडिकल पर्ची, ट्रेन/बस का टिकट) हमेशा साथ रखें।
  • सड़कों पर चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ बहस करने के बजाय उनका सहयोग करें।
  • यदि आपके आस-पास कोई संदिग्ध गतिविधि या देर रात नशा करते लोग दिखें, तो तुरंत नजदीकी थाने या डायल 100 को सूचित करें।

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