रीवा में 60 किलो गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई: तस्करों में हड़कंप, आखिर कौन हैं मास्टरमाइंड?

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुरुवार की शाम चलाए गए एक विशेष अभियान में, पुलिस ने करीब 6 लाख रुपये की कीमत का 60 किलोग्राम गांजा जब्त किया। इस दौरान दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके दो साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इस कार्रवाई से रीवा और सतना जिले में गांजा खपाने की एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई। यह पूरा ऑपरेशन पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेक सिंह के निर्देशन में किया गया।

एसपी विवेक सिंह ने बताया कि उन्हें खुफिया तंत्र से यह सूचना मिली थी कि ड्रग तस्करों का एक गिरोह रीवा और सतना में गांजे की बड़ी खेप पहुंचाने की तैयारी में है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, एसपी ने गोविंदगढ़ पुलिस की टीम को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कैसे हुआ ऑपरेशन? पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?
पुलिस ने सूचना के आधार पर गोविंदगढ़ क्षेत्र में कड़ी नाकाबंदी कर दी। वाहनों की सघन तलाशी के दौरान, पुलिस ने दो संदिग्ध कारों को रोका। जब पुलिस ने इन दोनों कारों की जांच की, तो उन्हें गांजे की बड़ी खेप मिली, जिसका वजन कुल 60 किलोग्राम था। यह मात्रा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी। पुलिस ने तुरंत गांजे को जब्त कर लिया और कारों में मौजूद दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

यह कार्रवाई दिखाती है कि रीवा पुलिस अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। इस तरह की बड़ी बरामदगी से न सिर्फ ड्रग्स का अवैध व्यापार रुकता है, बल्कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से भी बचाया जा सकता है।

कौन हैं गिरफ्तार और फरार आरोपी? पुलिस की आगे की रणनीति क्या?
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पुष्पेंद्र मिश्रा और आदित्य दुबे के रूप में की है, जो दोनों शहडोल के रहने वाले हैं। इन दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे गिरोह के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके। पूछताछ में इस रैकेट के मास्टरमाइंड्स के नाम भी सामने आने की उम्मीद है।

हालांकि, इस ऑपरेशन में गैंग के दो मुख्य सदस्य रोहित शर्मा और दिलीप सिंह मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस अब इन दोनों की तलाश में जुटी हुई है। एसपी विवेक सिंह ने विश्वास व्यक्त किया है कि जल्द ही इन दोनों फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह घटना दर्शाती है कि ड्रग तस्कर अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन रीवा पुलिस उनके मंसूबों को लगातार नाकाम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे ड्रग्स रैकेट की जड़ तक जाएंगे और इसमें शामिल सभी लोगों को कानून के कटघरे में लाएंगे।

इस मामले में पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के तहत दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है।

ड्रग्स के खिलाफ जंग: समाज और पुलिस की संयुक्त जिम्मेदारी
यह ड्रग्स बरामदगी सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है। मादक पदार्थों का अवैध व्यापार हमारे युवाओं के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है। पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन समाज को भी इसमें सहयोग करना होगा।

हमें अपने आसपास हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और इसकी जानकारी पुलिस को देनी चाहिए। यह हमारी और हमारे बच्चों की सुरक्षा का सवाल है। जब पुलिस और जनता मिलकर काम करेंगे, तो ऐसे अपराधों पर लगाम लगाना आसान होगा। रीवा पुलिस का यह अभियान सराहनीय है और उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

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