सिस्टम की आंखों पर पट्टी या मिलीभगत? रीवा की पॉपुलर गैस एजेंसी में खुलेआम रिफिलिंग, अब तो जागिए कलेक्टर साहब!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर में गैस किल्लत के बीच एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है। शहर की जानी-मानी पॉपुलर गैस एजेंसी (Popular Gas Agency) के गोदाम से अवैध गैस रिफिलिंग के दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस वीडियो ने साफ कर दिया है कि कैसे जनता की गाढ़ी कमाई पर एजेंसी के कर्मचारी और संचालक डाका डाल रहे हैं।

आपदा में अवसर: भरे सिलेंडरों से निकाली जा रही गैस
जहां एक तरफ रीवा की जनता एक-एक सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ी है, वहीं बस स्टैंड स्थित पॉपुलर गैस एजेंसी के गोदाम में 'आपदा में अवसर' तलाशा जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कर्मचारी दो टंकियों को एक नली (Pipe) के जरिए जोड़कर भरे हुए सिलेंडर से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भर रहे हैं। यह पूरी तरह से अवैध और जानलेवा कृत्य है।
प्रति सिलेंडर 2000 रुपये तक की अवैध कमाई
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध रिफिलिंग के पीछे का मुख्य उद्देश्य ब्लैक मार्केटिंग है। घरेलू गैस सिलेंडरों से गैस चोरी कर उन्हें उन लोगों को बेचा जा रहा है जिनके पास गैस कार्ड नहीं है या जिन्हें भारी मात्रा में गैस की जरूरत है। बताया जा रहा है कि एक सिलेंडर को ब्लैक में बेचने पर कर्मचारी और बिचौलिए 2000 रुपये तक वसूल रहे हैं।

कम वजन का सिलेंडर: उपभोक्ता की जेब पर सीधा हमला
यदि आप इस एजेंसी के ग्राहक हैं, तो सावधान हो जाइए! जब एक भरे सिलेंडर से 2-3 किलो गैस निकाल ली जाती है, तो वह सिलेंडर आपके घर पहुँचता है। नतीजा यह होता है कि जो सिलेंडर महीना भर चलना चाहिए, वह महज 10-15 दिनों में खत्म हो जाता है। बिना वजन कराए सिलेंडर लेना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है और आपको बीच महीने में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर होना पड़ सकता है।
कमर्शियल उपयोग में घरेलू गैस की खपत
रीवा में कई होटल, रेस्टोरेंट और चाय की गुमटियां धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रही हैं। नियमों के मुताबिक इन्हें कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करना चाहिए, लेकिन सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने के कारण ये अवैध रिफिलिंग वाले सिलेंडर ही खरीदते हैं। प्रशासन की नाक के नीचे यह खेल महीनों से चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल
वीडियो वायरल होने के बावजूद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की चुप्पी संदेहास्पद है। जनता सवाल पूछ रही है कि क्या इन एजेंसियों को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है? जब नियमों का उल्लंघन कैमरे में कैद हो चुका है, तो अब तक गोदाम को सील क्यों नहीं किया गया और संचालकों पर एफआईआर (FIR) क्यों नहीं हुई?
गैस चोरी से बचने के लिए उपभोक्ता ये कदम उठाएं
वजन का कांटा (Weighing Scale): जब भी डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर आए, उससे वजन करने की मशीन मांगें।
सील चेक करें: सुनिश्चित करें कि सिलेंडर की सील पूरी तरह से पैक हो और उसमें छेड़छाड़ न की गई हो।
शिकायत दर्ज करें: यदि वजन कम निकलता है, तो तुरंत गैस कंपनी के टोल-फ्री नंबर या जिला खाद्य अधिकारी को सूचित करें।
रसीद जरूर लें: हमेशा सिलेंडर की पक्की रसीद लें ताकि आपके पास कानूनी सबूत रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1: घरेलू गैस सिलेंडर का सही वजन कितना होना चाहिए?
Ans: एक सामान्य घरेलू एलपीजी सिलेंडर का कुल वजन (Gross Weight) लगभग 29.5 kg से 30 kg होता है, जिसमें 14.2 kg गैस होती है। सिलेंडर के हैंडल पर इसका खाली वजन (Tare Weight) लिखा होता है।
Q2: अगर गैस एजेंसी कम वजन का सिलेंडर दे तो क्या करें?
Ans: आप सिलेंडर लेने से मना कर सकते हैं और गैस कंपनी की हेल्पलाइन (1800-233-3555) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Q3: क्या अवैध गैस रिफिलिंग एक दंडनीय अपराध है?
Ans: जी हाँ, आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत यह एक गंभीर अपराध है जिसमें जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
Q4: रीवा में पॉपुलर गैस एजेंसी कहाँ स्थित है?
Ans: यह एजेंसी रीवा शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित है।
क्या आप भी गैस किल्लत या कम वजन की समस्या से परेशान हैं? हमें नीचे कमेंट में बताएं या इस खबर को शेयर कर दूसरों को जागरूक करें।