DAC टोकन बना 'धोखा नंबर'! रीवा की पॉपुलर गैस एजेंसी में हाहाकार, खाली हाथ लौट रही जनता; प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
रीवा। एक तरफ प्रशासन जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी तरफ रीवा की पॉपुलर गैस एजेंसी (अजगरहा) के बाहर लगी सैकड़ों लोगों की कतार हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सुबह की पहली किरण के साथ ही लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद नसीब हो रही है तो बस मायूसी। डिजिटल सिस्टम के नाम पर लागू किया गया DAC (Delivery Authentication Code) अब जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है।

DAC नंबर या 'धोखा नंबर'? डिजिटल इंडिया के नाम पर जनता की फजीहत
एजेंसी का कहना है कि बिना DAC नंबर के सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। यह एक तरह का डिजिटल टोकन है जो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिस कॉल या मैसेज करने पर प्राप्त होता है। लेकिन हकीकत यह है कि जब उपभोक्ता नंबर डायल करता है, तो सर्वर डाउन होने के कारण घंटों तक कोई मैसेज नहीं आता। अनपढ़ और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। बिना इस 'जादुई नंबर' के एजेंसी के कर्मचारी सिलेंडर देने से साफ मना कर देते हैं, जिससे लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जल पा रहे।
सर्वर डाउन और जुगाड़ चालू: आम आदमी लाइन में, 'खास' को घर बैठे सिलेंडर
अजगरहा में लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि जिनके पास 'जुगाड़' या ऊँची पहुँच है, उन्हें एजेंसी से दूर ही गुप्त तरीके से सिलेंडर मुहैया करा दिए जाते हैं। वहीं, जो गरीब और ईमानदार व्यक्ति सुबह 4 बजे से लाइन में लगा है, उसे सर्वर का बहाना बनाकर खाली हाथ लौटा दिया जाता है। यह भेदभाव प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं?
प्रशासन के दावों की खुली पोल: अजगरहा से लेकर शहर तक अव्यवस्था
यह स्थिति केवल पॉपुलर गैस एजेंसी तक सीमित नहीं है, बल्कि रीवा शहर की लगभग सभी एजेंसियों पर यही नजारा है। प्रशासनिक अधिकारी एसी कमरों में बैठकर 'सब ठीक है' का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सर्वर की समस्या और टोकन सिस्टम ने वितरण व्यवस्था को अपंग बना दिया है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि जब तक सर्वर और डिजिटल सिस्टम सुचारू नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मैन्युअल व्यवस्था से गैस वितरण किया जाए।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. DAC नंबर (टोकन) कैसे प्राप्त करें?
अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से गैस एजेंसी द्वारा दिए गए नंबर पर मिस कॉल दें या मैसेज करें। आपको मैसेज में एक कोड प्राप्त होगा जिसे डिलीवरी के समय देना अनिवार्य है।
2. अगर सर्वर डाउन है तो सिलेंडर कैसे मिलेगा?
वर्तमान में एजेंसियां बिना DAC के सिलेंडर देने से मना कर रही हैं। इसके लिए आपको गैस एजेंसी के कार्यालय में जाकर मैन्युअल रसीद कटवाने का प्रयास करना चाहिए।
3. पॉपुलर गैस एजेंसी अजगरहा के खिलाफ शिकायत कहां करें?
आप इसकी शिकायत जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (DSO) या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर कर सकते हैं।
4. क्या रीवा में वाकई गैस की कमी है?
प्रशासन के अनुसार स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन वितरण प्रणाली (Distribution System) में तकनीकी खामियों और कुप्रबंधन के कारण किल्लत महसूस हो रही है।
Rewa News Media की सीधी बात: प्रशासन और गैस एजेंसियां डिजिटल व्यवस्था की आड़ में जनता को परेशान करना बंद करें। यदि स्टॉक पर्याप्त है, तो लोगों को लाइनों में क्यों मरना पड़ रहा है? जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी नींद त्यागनी होगी।