"मोबाइल हुआ बंद और फिर आई मौत की खबर... रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हुई इस सनसनीखेज घटना ने झकझोर कर रख दिया!"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान एक नवविवाहिता की कुछ ही घंटों के भीतर मौत हो गई। मृतका के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के कई गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे यह मामला सामान्य मौत का नहीं बल्कि एक क्रूरतापूर्ण अपराध का प्रतीत होता है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के परिवार वालों ने उसके पति पर हत्या और मारपीट का प्रत्यक्ष आरोप लगाया है।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि और समयरेखा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका काजल साकेत को शनिवार सुबह करीब 11 बजे मैहर जिले के अंतर्गत आने वाले मिरगौती गांव स्थित उसकी ससुराल छोड़ा गया था। ससुराल पहुंचने के कुछ ही समय बाद से काजल का मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा, जिससे उसके मायके वालों को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। कुछ समय बीतने के बाद परिवार को किसी अन्य माध्यम से सूचना मिली कि काजल के साथ भारी मारपीट की गई है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इसके बाद उसे तुरंत रीवा के प्रतिष्ठित संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। ससुराल पहुंचने और मौत होने के बीच का यह अंतराल महज 24 घंटे के भीतर का है।
मां के गंभीर आरोप और शरीर पर चोट के निशान
मृतका की मां अनूपा साकेत ने अपनी बेटी के ससुराल वालों, विशेषकर उसके पति पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। अनूपा साकेत के अनुसार, जब वे अस्पताल पहुंचीं तो उनकी बेटी की हालत देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। काजल के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। इसके अलावा उसकी नाक, दोनों हाथों, पैरों, कंधों और पेट समेत शरीर के कई संवेदनशील हिस्सों पर धारदार हथियार से वार किए जाने के स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे थे।
मां का यह भी आरोप है कि ससुराल पक्ष ने काजल के साथ इतनी क्रूरता करने के बाद उसे चुपचाप अस्पताल में भर्ती तो करा दिया, लेकिन मायके पक्ष को इसकी आधिकारिक सूचना बिल्कुल नहीं दी। उन्हें इस घटना की जानकारी किसी अन्य तीसरे व्यक्ति के जरिए मिली। यदि समय पर सूचना मिल जाती, तो शायद बेटी की जान बचाने के लिए कुछ अन्य प्रयास किए जा सकते थे।
शादी और पारिवारिक पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला आपसी रिश्तों और विश्वास की डोर टूटने की एक दर्दनाक दास्तान है। मृतका काजल का मायका मझिगवां क्षेत्र में स्थित है। मां अनूपा साकेत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, काजल और राजेंद्र साकेत का विवाह 18 अप्रैल 2025 को बड़े अरमानों के साथ हुआ था। शादी को अभी कुछ ही महीने बीते थे कि यह पारिवारिक जीवन एक खौफनाक मोड़ पर आ गया। शादी के इतने कम समय के भीतर ही इस तरह की घटना घट जाना समाज में घरेलू तनाव और हिंसा के बढ़ते मामलों पर पुनर्विचार करने के लिए विवश करता है।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। मृतका की मां ने अपनी बेटी के पति राजेंद्र साकेत को इस घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और इन्हें अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। घटना से जुड़े आस-पास के लोगों, रिश्तेदारों और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी तथा भौतिक साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में उस 24 घंटे के दौरान ससुराल के भीतर क्या हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असल वजह और दोषियों के नाम आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेंगे।
घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनी उपाय और सुरक्षा
भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले घरेलू अत्याचार और क्रूरता से निपटने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। भारतीय न्याय संहिता और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत इस तरह के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है। यदि किसी महिला को उसके ससुराल में शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, तो परिवार को तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन की मदद लेनी चाहिए। समाज में जागरूकता की कमी और समय पर सूचना न मिलने के कारण कई बार निर्दोष महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना पुलिस और न्यायिक प्रणाली की प्राथमिकता होती है।