सुरक्षा के नाम पर करोड़ों का खेल : 'हाइट्स और एजाइल' के दावों की निकली हवा! तीसरी मंजिल से गायब हुआ एसी यूनिट, अब 'पत्राचार' के जरिए हो रही खानापूर्ति!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल, संजय गांधी चिकित्सालय (SGMH) में इन दिनों सुरक्षा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का नंगा नाच चल रहा है। सुरक्षा और सफाई का जिम्मा संभालने वाली निजी कंपनियां—हाइट्स (Heights) और एजाइल सिक्योरिटी (Agile Security)—अस्पताल को सुरक्षित रखने के बजाय केवल बिल वसूली का जरिया बनकर रह गई हैं। ताजा मामला चोरों द्वारा तीसरी मंजिल से एयर कंडीशनर (AC) की भारी-भरकम आउटडोर यूनिट को दिनदहाड़े गायब करने का है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
'अदृश्य' हुए चोर या सो गए गार्ड? तीसरी मंजिल से कैसे नीचे उतरा भारी 'लोहा'?
सवाल यह है कि तीसरी मंजिल के मेडिसिन विभाग से इतना बड़ा और भारी लोहे का आउटर यूनिट चोरों ने पार कैसे किया? क्या चोरों के पास पंख थे या फिर एजाइल सिक्योरिटी के सुरक्षाकर्मियों ने अपनी आंखें मूंद ली थीं? वॉशरूम के पास लगे इस यूनिट का गायब होना यह साबित करता है कि अस्पताल में परिंदा भी पर मारता है, तो शायद सुरक्षाकर्मियों को खबर होती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सब 'मैनेज' हो जाता है।
1 करोड़ का मासिक भुगतान, फिर भी 'राम भरोसे' अस्पताल!
सूत्रों की मानें तो इन कंपनियों को हर महीने एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जाता है। जनता के टैक्स के इस पैसे से ये कंपनियां न तो अस्पताल को साफ रख पा रही हैं और न ही सुरक्षित। डिप्टी सीएम की फटकार के बाद भी इन पर कोई असर नहीं हुआ। अब सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी एसी की यूनिटें सुरक्षित नहीं हैं, तो क्या मरीजों की जान और उनके परिजनों का सामान सुरक्षित है?
डीन और अधीक्षक की 'मेहरबानी': कार्रवाई के नाम पर केवल 'नोटिस का नाटक'
चोरी हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो FIR दर्ज हुई और न ही कंपनी पर कोई पेनाल्टी (जुर्माना) लगाई गई। डीन और अधीक्षक की इस सुस्ती को लेकर अस्पताल के गलियारों में चर्चा है कि आखिर ये अधिकारी इन कंपनियों पर इतने मेहरबान क्यों हैं? क्या यह 'मेहरबानी' किसी गुप्त 'लाभ' के कारण है या फिर अधिकारी इन कंपनियों के रसूख से डरते हैं? अधीक्षक ने नोटिस तो दिया है, लेकिन इसे केवल मामले को शांत करने की 'कागजी लीपापोती' माना जा रहा है।
विभागाध्यक्ष की चेतावनी अनसुनी: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
मेडिसिन विभाग के एचओडी ने 25 मार्च को ही पत्र लिखकर आगाह किया था कि एसी चोरी होने से शैक्षणिक गतिविधियां ठप हैं। सेमिनार हॉल में अब क्लास लेना मुश्किल हो रहा है। लेकिन अस्पताल प्रशासन को शायद छात्रों की पढ़ाई से ज्यादा सुरक्षा एजेंसियों की 'छवि' सुधारने की फिक्र है।