"रीवा का 'हिट एंड रन' या खौफनाक मर्डर प्लॉट? युवती पर चढ़ाई बोलेरो, नंबर प्लेट गायब कर भागे आरोपी!"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले के सिरमौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेलवा मोड़ पर एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 25 वर्षीय युवती रोशनी शुक्ला को एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उस वक्त अपनी चपेट में ले लिया जब वह मार्ग से गुजर रही थी। यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना है या इसके पीछे कोई गहरा षड्यंत्र, इसे लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
घटना का घटनाक्रम: क्या हुआ उस खौफनाक दोपहर को?
सुरसरी सिंह बेलवा की निवासी रोशनी शुक्ला, पिता शिवाकांत शुक्ला, जब बेलवा मोड़ के पास मौजूद थीं, तभी वहां खड़े दो बोलेरो वाहनों में से एक ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और कुचलते हुए निकल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि युवती के पेट के नीचे का हिस्सा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। सड़क पर चारों ओर खून फैल गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
परिजनों के सनसनीखेज आरोप: 'हादसा नहीं, यह सोची-समझी साजिश है'
रोशनी के भाई प्रकाश शुक्ला ने पुलिस की दुर्घटना वाली थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह कोई सामान्य एक्सीडेंट नहीं है। प्रकाश का आरोप है कि बोलेरो चालक वहां काफी समय से घात लगाकर खड़ा था। जैसे ही रोशनी वहां पहुंची, किसी बात को लेकर बहस हुई। विरोध करने पर आरोपी ने जानबूझकर गाड़ी रोशनी के ऊपर चढ़ा दी। यह सीधा-सीधा हत्या के प्रयास का मामला प्रतीत होता है।
नंबर प्लेट गायब करना: साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश?
इस पूरे मामले में सबसे संदिग्ध बात यह रही कि घटना के तुरंत बाद बोलेरो से नंबर प्लेट हटा ली गई। परिजनों का तर्क है कि यदि यह महज एक हादसा होता, तो चालक भागने की कोशिश करता या मदद करता, लेकिन पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट निकालना इस बात की ओर इशारा करता है कि घटना पूर्व नियोजित थी।
रोशनी शुक्ला की स्वास्थ्य स्थिति: भोपाल AIIMS में जीवन की जंग
घायल रोशनी की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें तत्काल सिरमौर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर किया गया। वहां भी डॉक्टरों ने स्थिति नियंत्रण से बाहर पाई, जिसके बाद उन्हें भोपाल AIIMS भेजा गया है। वर्तमान में रोशनी वहां वेंटिलेटर पर हैं और जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हैं।
पुलिसिया कार्रवाई और प्रशासन का पक्ष: अब तक की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल 'मर्ग' कायम किया है। SDOP उमेश प्रजापति के अनुसार, थाना प्रभारी ने अब तक इसे सड़क दुर्घटना के रूप में ही सूचित किया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। परिजनों के बयानों और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की धाराओं में इजाफा किया जा सकता है।
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी: मौके का मंजर
बेलवा मोड़ पर मौजूद लोगों का कहना है कि घटना के वक्त वहां दो गाड़ियां मौजूद थीं। माहौल में पहले से ही कुछ तनाव दिख रहा था। युवती के घायल होने के बाद जिस तरह से वाहन चालक वहां से फरार हुए, उससे स्थानीय लोगों में भी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाले ताकि सच सामने आ सके।
न्याय की मांग: क्यों उठ रहे हैं पुलिस की थ्योरी पर सवाल?
परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस की कार्यप्रणाली पर फूट रहा है। उनका कहना है कि जब मामला स्पष्ट रूप से हमले का दिख रहा है, तो पुलिस इसे साधारण दुर्घटना बताकर क्यों टाल रही है? आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी न होना भी प्रशासन की सुस्ती पर सवालिया निशान खड़े करता है।
निष्कर्ष: निष्पक्ष जांच की दरकार
रीवा की इस बेटी को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। क्या वह बोलेरो चालक रोशनी को पहले से जानता था? क्या बहस की बात सच है? और सबसे बड़ा सवाल कि नंबर प्लेट किसने और क्यों हटाई? इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि कानून अपराधियों तक कब पहुंचता है। फिलहाल, पूरा रीवा रोशनी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. रोशनी शुक्ला के साथ यह घटना कहां हुई? यह घटना रीवा जिले के सिरमौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेलवा मोड़ पर घटित हुई।
2. परिजनों ने पुलिस की रिपोर्ट पर क्या आपत्ति जताई है? परिजनों का कहना है कि पुलिस इसे साधारण सड़क दुर्घटना मान रही है, जबकि उनके अनुसार यह जानबूझकर किया गया हमला है।
3. वर्तमान में रोशनी शुक्ला का इलाज कहां चल रहा है? हालत गंभीर होने के कारण रोशनी शुक्ला को भोपाल एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है।
4. क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है? अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है; पुलिस मामले की जांच जारी रहने की बात कह रही है।
5. घटना के संदिग्ध पहलू क्या हैं? घटना के समय दो बोलेरो का मौजूद होना, युवती से बहस होना और वारदात के बाद गाड़ी की नंबर प्लेट गायब करना इसे संदिग्ध बनाता है।