कलेक्टर के निशाने पर रीवा के होटल-रेस्टोरेंट: फूड अधिकारी का बड़ा एक्शन, सेमरिया के इंडियन फ्लेवर में एक्सपायरी ड्रिंक्स तो V2 के सामने बेनाम समोसे पर छापा 

 
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कलेक्टर के निर्देश पर फूड अधिकारी अमरीश दुबे ने सेमरिया के इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट और इलाहाबाद रोड पर होटल में जांच कर एक्सपायरी सामान जब्त किया और कार्रवाई की।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के 'मिलावट से मुक्ति अभियान' के तहत रीवा जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रीवा कलेक्टर के कड़े रुख और निर्देशों के बाद, जिले में अमानक, एक्सपायरी और गंदगी में बनाए जा रहे खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में फूड अधिकारी अमरीश दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने सेमरिया और इलाहाबाद रोड स्थित प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान भारी लापरवाही उजागर हुई है, जिसके बाद विभाग द्वारा सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

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मिलावट से मुक्ति अभियान: कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन 
रीवा जिले में आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यापारियों के खिलाफ प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर रीवा के स्पष्ट निर्देश हैं कि त्योहारों और बारिश के इस मौसम में बाजार में बिकने वाली हर खाद्य सामग्री शुद्ध और सुरक्षित होनी चाहिए। इसी आदेश का पालन करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम लगातार फील्ड पर सक्रिय है और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही है।

इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट सेमरिया: एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स जब्त 
जांच टीम सबसे पहले सेमरिया स्थित 'इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट' पहुंची। यहाँ जब टीम ने काउंटर और स्टॉक की बारीकी से जांच की, तो पाया कि ग्राहकों को एक्सपायरी डेट (समान्य अवधि पार) की कोल्ड ड्रिंक्स परोसी जा रही थीं।

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  • जब्ती की कार्रवाई: टीम ने मौके से एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक्स की 15 बोतलें जब्त कीं।
  • दोषी संचालक: इस रेस्टोरेंट के संचालक लवकुश चौरसिया हैं।
  • कानूनी एक्शन: संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक्सपायरी ड्रिंक्स का सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, विशेषकर बच्चों और बीमार लोगों के लिए।

बेनाम समोसा V2 के सामने स्थित होटल पर छापा
सेमरिया के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम इलाहाबाद रोड पहुंची। यहाँ 'बेनाम समोसा V2' के ठीक सामने संचालित हो रहे एक होटल का औचक निरीक्षण किया गया। इस होटल के संचालक अरविंद साहू हैं।
जब फूड अधिकारी अमरीश दुबे के नेतृत्व में टीम होटल के किचन एरिया में पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। चारों तरफ भीषण गंदगी पसरी हुई थी। उसी गंदगी के बीच समोसे और विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ तैयार की जा रही थीं और उन्हें धड़ल्ले से बाजार में ग्राहकों को बेचा जा रहा था। 

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अधिकारी का बयान: गंदगी में खाद्य पदार्थों का निर्माण करना और उन्हें बेचना सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और एक गंभीर अपराध है।

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 58 के तहत क्या होगी कार्रवाई? 
इलाहाबाद रोड स्थित होटल के संचालक अरविंद साहू द्वारा बरती गई इस गंभीर लापरवाही और गंदगी में खाद्य सामग्री बनाने के कारण उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 58 (Section 58 of Food Safety and Standards Act) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

इस धारा के तहत क्या प्रावधान हैं, आइए समझते हैं:

  • अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में निर्माण: यह धारा उन खाद्य कारोबारकर्ताओं पर लगाई जाती है जो भोजन को असुरक्षित या अस्वास्थ्यकर (Unhygienic) परिस्थितियों में बनाते, प्रोसेस करते या बेचते हैं। 
  • आर्थिक दंड: इसके तहत दोषी पाए जाने पर भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है, ताकि भविष्य में कोई भी दुकानदार ऐसी लापरवाही न बरते।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की सभी व्यापारियों से अपील
इस व्यापक कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने रीवा जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ठेला संचालकों और खाद्य कारोबार कर्ताओं के लिए एक जरूरी एडवाइजरी (Appeel) जारी की है।

फूड अधिकारी अमरीश दुबे ने स्पष्ट किया है कि चूंकि बारिश का मौसम चल रहा है, ऐसे में संक्रमण और कीड़े-मकोड़ों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। विभाग ने सभी व्यापारियों से निम्नलिखित व्यवस्थाएं तुरंत सुधारने को कहा है:

  • परिसर की साफ-सफाई: भोजन बनाने और भंडारण करने वाले स्थान (Kitchen & Storage) को पूरी तरह साफ रखें।
  • कीड़ों से बचाव: परिसर में मक्खियों, मच्छरों और अन्य कीड़ों को रोकने के लिए जालीदार दरवाजे, पेस्ट कंट्रोल या आवश्यक एयर कर्टेन की व्यवस्था करें।
  • शुद्ध पानी का उपयोग: मिठाइयाँ या अन्य पकवान बनाने में केवल साफ और उबले/फिल्टर पानी का ही इस्तेमाल करें।
  • स्टॉक की नियमित जांच: कोई भी एक्सपायरी डेट की सामग्री दुकान में न रखें।

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