महाकाल की नगरी से विंध्य का शंखनाद: संजय त्रिपाठी बने राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष, उज्जैन अधिवेशन में हुई बड़ी घोषणा
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रवादी सोच के धनी संजय त्रिपाठी (दादाभाई) के नेतृत्व का लोहा अब राष्ट्रीय स्तर पर माना गया है। 25 फरवरी को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें विंध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
संगठन के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने संजय त्रिपाठी के समर्पण और कार्यक्षमता को देखते हुए संगठन विस्तार और वैचारिक मजबूती के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
डॉ. तोगड़िया का भरोसा: "विंध्य को मिलेगी नई दिशा"
राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के हजारों पदाधिकारियों की उपस्थिति में डॉ. तोगड़िया ने विंध्य क्षेत्र के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विंध्य की माटी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। संजय त्रिपाठी के नेतृत्व में संगठन की शक्ति कई गुना बढ़ेगी और सेवा, संस्कार व राष्ट्रहित के कार्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचेंगे।
इस घोषणा के बाद रीवा सहित समूचे विंध्य क्षेत्र में हर्ष की लहर है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का मानना है कि संजय त्रिपाठी का लंबा अनुभव संगठन के ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा।
प्राथमिकता: "ग्राम स्तर तक पहुंचेगी राष्ट्रवादी विचारधारा"
प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद संजय त्रिपाठी ने इसे 'सेवा का संकल्प' बताया। उन्होंने अपनी आगामी कार्ययोजना स्पष्ट करते हुए कहा:
- संगठन विस्तार: विंध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले, तहसील और ग्राम स्तर तक सक्रिय टोलियों का गठन किया जाएगा।
- युवा सशक्तिकरण: युवाओं को राष्ट्र निर्माण और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
- समरसता: सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ 'हिंदू ही आगे' के संकल्प को जन-जन तक ले जाना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी।